हिमाचल में इस साल बरसात कम होने से बिजली संकट गहरा गया है सर्दियों का मौसम शुरू होने से पहले ही बिजली उत्पादन में 60 फीसदी की गिरावट आ गई है। प्रदेश में बिजली की डिमांड 280 लाख यूनिट रोजाना है।पड़ोसी राज्यों पंजाब और दिल्ली को गर्मियों में दी बिजली को हिमाचल ने वापस लेना शुरू कर दिया है।
पड़ोसी राज्यों को अप्रैल से सितंबर तक दी गई बिजली को अक्तूबर से मार्च 2021 तक वापस लिया जाएगा। ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी ने बताया कि प्रदेश में अभी बिजली संकट जैसी स्थिति नहीं है। डिमांड को पूरा किया जा रहा है। आने वाले दिनों में अगर जरूरत पड़ी तो ओपन मार्केट के माध्यम से बिजली की खरीद भी की जाएगी। प्रदेश की अपनी बिजली परियोजनाओं में अभी 43 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है। सामान्य तौर पर इन परियोजनाओं में 90 से 100 लाख यूनिट बिजली का रोजाना उत्पादन होता है।
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