बिहार चुनाव के नतीजे बेहद दिलचस्प दौर में है. कौन सी पार्टी या गठबंधन जीत की तरफ़ बढ़ रहा है, ये अभी कहना थोड़ा मुश्किल है.

तकरीबन 40-50 सीटें ऐसी हैं जहाँ नबंर एक पार्टी और नंबर दो पार्टी के बीच का अंतर 1,000 वोटों से भी कम का है. ऐसे में चुनाव आयोग का अनुमान है कि फ़ाइनल नतीजों के लिए रात तक इंतजार करना पड़ सकता है. चुनाव आयोग की प्रेस कॉफ्रेंस में ये बात डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर चंद्र भूषण कुमार ने कही है.

तकरीबन 40-50 सीटें ऐसी हैं जहाँ नबंर एक पार्टी और नंबर दो पार्टी के बीच का अंतर 1,000 वोटों से भी कम का है. ऐसे में चुनाव आयोग का अनुमान है कि फ़ाइनल नतीजों के लिए रात तक इंतजार करना पड़ सकता है. चुनाव आयोग की प्रेस कॉफ्रेंस में ये बात डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर चंद्र भूषण कुमार ने कही है.

नतीजे देरी से आने की वजहें

चुनाव आयोग के मुताबिक़ दोपहर डेढ़ बजे तक 1 करोड़ मतों की गिनती हो चुकी है.

बिहार विधानसभा चुनाव, कोरोना महामारी के दौर में भारत में होने वाले पहले विधानसभा चुनाव थे. चुनाव आयोग ने महामारी के दौरान बचाव के लिए जो भी क़दम उठाने थे, उनके लिए अलग से गाइडलाइन जारी की थी. दरअसल कोरोना महामारी के दौर में हुए इस पहले चुनाव में उन्हें पोलिंग बूथ की संख्या बढ़ानी पड़ी थी.

इस बार साल 2015 के मुक़ाबले 63 फ़ीसद से ज़्यादा पोलिंग बूथ बने थे.

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