परिवहन विभाग के प्रवक्ता ने आज यहां कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार कर्मचारियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और उन्हें लाभान्वित करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम के पेंशनरों को एक जनवरी 2023 से 30 मार्च 2026 तक कुल 239.45 करोड़ रुपये के वित्तीय लाभ प्रदान किए गए हैं।
प्रवक्ता ने कहा कि 31 जुलाई, 2025 तक 350 पेंशनरों को लगभग 35 करोड़ रुपये, 805 पेंशनरों को डेथ व रिटायरमेंट ग्रेच्युटी और लीव एनकैशमेंट के 174.45 करोड़ रुपये, चिकित्सा बिलों के भुगतान के लिए 2.75 करोड़ रुपये, 75 वर्ष से अधिक आयु के 700 पेंशनरों को संशोधित पेंशन के भुगतान के लिए 24 करोड़ रुपये, 3800 पेंशनरों को पेंशन भत्ते के 2.50 करोड़ रुपये और 3500 पेंशनरों को संशोधित पेंशन के 50 और 30 प्रतिशत के पे-मैट्रिक्स के अनुसार 0.75 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है।
उन्होंने कहा कि इसी अवधि के दौरान कर्मचारियों को 74.39 करोड़ के वित्तीय लाभ प्रदान किए गए हैं। ओवरटाइम व रात्रि भत्ते के लिए 27.74 करोड़ रुपये, प्रदेश सरकार के कर्मचारियों के समान 45 प्रतिशत महंगाई भत्ता तथा देय एरियर के भुगतान के लिए 5.50 करोड़ रुपये, नियमित कर्मचारियों को चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों के भुगतान के लिए 1.77 करोड़ रुपये व वेतन व अन्य लाभों के एरियर के भुगतान के लिए 39.38 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है।
उन्होंने कहा कि इस अवधि के दौरान 2,198 कर्मचारी अनुबंध सेवाओं से नियमित किए गए हैं। वर्ष 2023 से 2025 के दौरान 691 नियुक्तियां की गईं जिनमें से 327 परिचालक कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से और अन्य पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ तथा 145 पीसमील से परिवर्तित किए गए हैं।
प्रवक्ता ने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम का राज्य के विकास में उल्लेखनीय योगदान है। पूर्व कर्मचारी और वर्तमान में कार्यरत कर्मचारी निगम को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। राज्य सरकार ने एचआरटीसी में सुधारात्मक कदम उठाए हैं ताकि वेतन और पेंशन का भुगतान बिना देरी के सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए मानवीय दृष्टिकोण से निर्णय ले रही है।