कर्तव्य निष्ठा व तालमेल के साथ अधिकारी आश्विन नवरात्रि को सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करें


बिलासपुर :- उत्तर भारत के प्रसिद्ध शक्ति पीठ श्री नैनादेवी जी
मेें 17 अक्तूबर से 26 अक्तूबर तक आयोजित होने वाले आश्विन नवरात्रि में
श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ को लेकर किए जाने वाले आवश्यक प्रबंधों को लेकर
उपायुक्त एवं आयुक्त मंदिर न्यास श्री नैना देवी जी राजेश्वर गोयल की
अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें सम्बन्धित विभागों के सभी
अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में उपायुक्त ने कहा कि आश्विन नवरात्रि के
दौरान श्रद्धालुओं को सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी तथा
कोविड-19 के दिशा निर्देशों (एसओपी) के तहत श्रद्धालुओं को दर्शन करवाए
जाएंगे ताकि आसानी से माता श्री नैना देवी जी के दर्शन हो सके। उन्होंने
अधिकारियों को कहा कि इस दौरान सभी कर्तव्य निष्ठा व तालमेल के साथ अपनी
डयूटी का निर्वहन कर आश्विन नवरात्रि को सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण
सहयोग प्रदान करें। उन्होंने कहा कि इस दौरान एसडीएम स्वारघाट मेला
अधिकारी तथा डीएसपी श्री नैना देवी जी को पुलिस मेला अधिकारी होंगे।
उन्होंने कहा कि आश्विन नवरात्रि के दौरान श्री नैना देवी जी क्षेत्र को
नौ सैक्टरों में विभाजित किया जाएगा जिसमें 5 सैक्टर मैजिस्ट्रेट नियुक्त
किए जाएंगे। उन्होंने डीएसपी श्री नैनादेवी को आश्विन नवरात्रि के दौरान
कानून व्यवस्था को सुचारू रूप से बनाए रखने के लिए पूरा मेला क्षेत्र में
पर्याप्त पुलिस बल, होमगार्ड की सेवाएं लेने के निर्देश दिए ताकि
श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पडे़। उन्होंने
कहा कि इस दौरान यातायात को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त स्टाफ
नियुक्त किया जाएगा और ट्रक, ट्रैक्टर, टैंपो इत्यादि में सवारियां लेकर
श्री नैना देवी जी में नहीं आने दिए जाएंगे।
उन्होने कहा कि यात्रियों के दर्शनार्थ सरकार के दिशा निर्देशों के
अनुसार बस सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी तथा बस और टैक्सियों को पूर्णतया
सैनीटाईज करवाया जाएगा और इस दौरान प्रयोग में लाई जाने वाली टैक्सियों
के रेट भी निर्धारित करें। उन्होंने कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद को
निर्देश दिए गए कि मेले के दौरान नगर परिषद तथा निजी पार्किंगों में रेट
लिस्ट लगाना सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि
वे 14 अक्तूबर तक आश्विन नवरात्रि में डयूटी के लिए कर्मचारियों की लिस्ट
शीघ्र मंदिर अधिकारी के कार्यालय में उपलब्ध करवाएं ताकि ऐसे कर्मचारियों
के ठहरने की व्यवस्था की जा सके। इसी प्रकार नगर परिषद सफाई व्यवस्था को
सुनिश्चित बनाऐं तथा पूरे क्षेत्र की सफाई करना सुनिश्चित करेगी। उन्होने
कहा कि इस दौरान प्लास्टिक प्रयोग पर पूर्णतया प्रतिबन्ध रहेगा।
      उन्होने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को खाद्य वस्तुओं का पूर्ण भंडारण
तथा उनकी गुणवत्ता का निरीक्षण सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए। उन्होने
स्वास्थ्य विभाग से कहा कि श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य की बेहतर सुविधा
उपलब्ध करवाने के लिए वे स्थापित किए जाने वाले स्वास्थ्य सहायता कक्षों
में पर्याप्त मात्रा में दवाईयों का भंडारण, आॅक्सीजन सिलेंडर इत्यादि
उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त चिकित्सक,
फार्मासिस्ट की तैनाती को सुनिश्चित बनाएं। उन्होने मेले के दौरान पेयजल
व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को जल
भण्डारणों को स्वच्छ तथा क्लोरिनेशन करने के निर्देश दिए।
    उन्होने मंदिर अधिकारी को निर्देश दिए कि वह मेले में आने वाले
श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण स्थानों पर साईनेज लगाएं जाएं ताकि
श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
     उन्होंने कहा कि इस दौरान शादी और मुंडन संस्कार की अनुमति नहीं
होगी मंिदर के अंदर केवल सूखा प्रसाद ही चढ़ाया जाएगा तथा नारियल और हलवा
चढ़ाने व बेचने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने आग से बचाव हेतु होम
गार्ड विभाग के अधिकारियों को समस्त अग्निशमन यंत्रों का निरीक्षण करने
के निर्देश दिए।
इस अवसर पर एडीसी तोरुल रवीश, सहायक पुलिस अधीक्षक, एसडीएम रामेश्वर दास,
एसडीएम शशिपाल शर्मा, तहसीलदार स्वारघाट हुसन चंद, तहसीलदार झंडूता
सीएमओ. प्रकाश दडोच, डीएफएससी. पवन शर्मा के अतिरिक्त गैर सरकारी सदस्य
तथा सम्बन्धित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
इसके उपरांत उन्होंने कोविड सर्विलेंस की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
उन्होंने बताया कि कोविड-19 कोरोना वायरस के संक्रमण के बचाव तथा फैलने
से रोकने के लिए के लिए उपमण्डल स्तर पर समितियां बनाई गई है जिसमें
एसडीएम चेयरमेन और बीएमओ मैम्बर सैक्रेटरी है। उन्होंने एसडीएम और बीएमओ
से कहा कि वे इस सम्बन्ध में आवश्यक कार्य योजना का डाटा तैयार कर भेजना
सुनिश्चित करें।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए की वे प्रतिदिन मरीजों को काढा
पिलाएं ताकि उनकी प्रतिरोधक क्षमता बढ़े और शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्राप्त
करें। उन्होंने कहा कि बदलते मौसम के दृष्टिगत कोविड केयर केन्द्रों में
इलेक्ट्रिक कैटल, गीजर और हीटर की सुविधा प्रदान की जाएगी। उन्होंने
बताया कि वैंटीलेटर का प्रयोग करने बारे प्रशिक्षण प्रदान कर दिया गया
है। उन्होंने जिला पंचायत अधिकारी को भी निर्देश देते हुए कहा कि पंचायत
में जब भी किसी की मृत्यु तो उसकी सूचना तुंरत सम्बन्धित आशा वर्कर को
देना सुनिश्चित करें।

Neha Sharma

Share
Published by
Neha Sharma

Recent Posts

अनुसूचित जनजाति आयोग ने जनजातीय विकास की दिशा में हिमाचल सरकार के प्रयासों को सराहा

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों के विकास और इन क्षेत्रों में…

6 hours ago

दिन हो या रात, विकास कार्यों की निगरानी में लगातार सक्रिय उपमुख्यमंत्री.. कॉलेज, मंदिर, अस्पताल और पुल परियोजनाओं की परखी रफ्तार

हरोली(ऊना), 9 जून. उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने मंगलवार को हरोली विधानसभा क्षेत्र में चल रही…

1 day ago

Cabinet Decisions: हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल के निर्णय

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक…

4 days ago

साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने संबंधी प्रकरण में आरोपी युधवीर सिंह बैंस गिरफ्तार

जिला शिमला पुलिस द्वारा साम्प्रदायिक सद्भावना एवं लोक शांति को प्रभावित करने वाली आपत्तिजनक सोशल…

5 days ago

Cabinet Meeting: मंत्रिमंडलीय उप-समिति की बैठक में सभी उपायुक्तों को भूमि की वेरिफिकेशन करने के निर्देशपीएसयू को दी गई भूमि का ब्यौरा भी मांगा

राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में…

6 days ago