सामाजिक कार्यकर्ता एवं जिला शिमला बाल कल्याण समिति के पूर्व सदस्य सुभाष वर्मा ने हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के ‘सुखाश्रय सहायता कोष’ के गठन का स्वागत किया है। उक्त कोष के गठन की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि हिमाचल ऐसा पहला राज्य होगा, जहां प्रदेश के अनाथ बच्चों के लिए आ रही कठिनाईयों व समस्याओं के समाधान के लिए उक्त कोष का लाभ मिलेगा।
समिति के पूर्व सदस्य सुभाष वर्मा ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि विभिन्न आश्रमों में रह रहे बच्चों को शिक्षा स्तर में प्रतियोगिता करने के लिए उन्हें कोचिंग दिलाए जाने का प्रावधान किया जाना चाहिए, ताकि उक्त बच्चे स्पर्धा परीक्षा में आम बच्चों के साथ बराबरी कर सके। बाहरवीं कक्षा उत्तीर्ण होने पर उन्हें तकनीकि शिक्षा दिए जाने का प्रावधान हो, ताकि वह बालिग होने पर अपने पांव पर खड़े होने में सक्षम हो सके। इस समय सरकारी आश्रम के अतिरिक्त विभिन्न एनजीओ द्वारा प्रदेश में इक्कीस आश्रम चलाए जा रहे हैं। उन बच्चों को भी सुखाश्रम सहायता कोष का लाभ मिलना चाहिए।
यह उल्लेखनीय है कि उक्त आश्रमों के उत्तराखंड एवं नेपाल की त्रासदी से ग्रस्त बच्चे भी शामिल हैं। उचित रहेगा यदि मुख्यमंत्री महोदय उक्त आश्रमों के पदाधिकारियों की बैठक बुलाकर आश्रमों में आ रही समस्याओं का पूर्णतया आंक्कलन कर बच्चों को राहत प्रदान कर सकें।
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