नई शिक्षा नीति को लेकर शिमला में मंथन शुरू हो गया है। दो दिन तक चलने वाले इस मंथन के शुभारम्भ अवसर पर शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज बतौर मुख्यतिथि मौजूद रहे वहीं इस दौरान विश्वविद्यालय के उपकुलपति, हिमाचल प्रदेश उच्च शिक्षा काउंसिल के चैयरमेन, विश्वविद्यालय के प्राध्यापक, विश्विद्यालय ग्रांट आयोग के सदस्य, हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष, प्रदेश के विभिन्न महाविद्यालयों के प्रधानाचार्य एवं प्राध्यापक भाग ले रहे है। इस मौके पर शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि भारत को फिर से विश्व गुरु बनाना है तो शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव की जरूरत है। उन्होंने कहा की देश में नई सरकार बनने के बाद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदेश अनुसार नई शिक्षा नीति पर देश भर से सुझाव मांगे गए। मोदी सरकार की नीतियों में नई शिक्षा नीति लाना मुख्य काम है। इसी सन्दर्भ में हिमाचल प्रदेश उच्च शिक्षा कॉउन्सिल द्वारा शिमला में दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत मे अभी भी अंग्रेजो की बनाई हुई शिक्षा नीति ही चल रही है जिसमें कई खामियां हैं। उनको दूर करने के लिए शिक्षा नीति में बदलाव की ज़रूरत महसूस की जा रही है।
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