फोरम अगेंस्ट करप्शन के सदस्य टिकेंद्र पंवर ने शिमला में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान RTI रिपोर्ट का हवाला देते हुए यूनिवर्सिटी की सहायक प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर की 250 सीटों पर हुई भर्ती प्रकिया पर धांधली का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इस भर्ती प्रक्रिया में यूजीसी नियम को दरकिनार करके यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अपने चहेतों में सीटें बांट दी है।
भर्ती प्रक्रिया की जो नियम और शर्ते हैं उसके मुताबिक उम्मीदवार ने शोध कार्य किया होना चाहिए और यूजीसी द्वारा पत्रिकाओं में शोध पत्र या लेख प्रकाशित होने चाहिए जबकि नियुक्त हुए कुछ कैंडिडेट इस शर्त के लिए योग्य नहीं है। एचपीयू में भर्ती के लिए उम्मीदवार को यूजीसी से राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा यानी नेट पास होनी चाहिए जिन लोगों के पास नेट योग्यता नहीं है उन्हें 2009 में इस विचार के साथ छूट दी गई थी कि उनके पास पीएचडी होनी चाहिए। इसके अलावा अनुभव प्रमाण पत्र का होना भी आवश्यक है जबकि भर्ती किए गए बहुत से उम्मीदवार ऐसे हैं जो इस शर्त को भी पूरा नहीं कर पाए।
इस हार से सबक ले संविधान, लोकतंत्र और जनादेश का सम्मान करना सीखें मुख्यमंत्रीचंडीगढ़ में…
अतिरिक्त वित्तीय सहायता का आग्रह, उधार सीमा 3 से बढ़ाकर 4 प्रतिशत करने का किया…
हिमाचल के विद्युत क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र…
कैंसर देखभाल संस्थानों के सुदृढ़ीकरण के लिए सरकार व्यय करेगी 800 करोड़ रुपये मुख्यमंत्री ठाकुर…
कंस के अत्याचार से लेकर धर्म की स्थापना तक—श्रीकृष्ण का जीवन आज भी देता है…
जानिए क्यों मनाया जाता है रक्षाबंधन और श्रीकृष्ण-द्रौपदी से लेकर मां लक्ष्मी-राजा बलि तक की…