कोरोना लॉकडाउन: स्कूलों पर लटके हैं ताले, अभिभावकों की आमदनी बंद, लेकिन बढ़ाई जा रही है फीस

https://www.tatkalsamachar.com/?p=2618

कोरोना वायरस लॉकडाउन की वजह से स्कूलों में भी ताले लटके हैं। कामकाज ठप होने की वजह से अधिकतर लोगों की आमदनी भी रुक गई है, लेकिन इस बीच देश के अलग-अलग हिस्सों में कई प्राइवेट स्कूलों ने फीस में वृद्धि कर दी है। लॉकडाउन के दौरान शुल्क में कुछ राहत मिलने का इंतजार कर अभिभावकों की परेशानी और बढ़ गई है।

अभिभावकों ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय को ऑनलाइन अनुरोध भेजने शुरू कर दिए हैं, जिनमें वे स्कूलों के फिर से खुलने तक इस शैक्षणिक सत्र के लिए शुल्क को नहीं बढ़ाए जाने संबंधी निर्देश स्कूलों को दिये जाने की मांग कर रहे हैं। गुजरात सरकार ने सोमवार को घोषणा की थी कि निजी स्कूल एक वर्ष के लिए शुल्क नहीं बढ़ाएंगे, जबकि पश्चिम बंगाल सरकार ने स्कूलों से शुल्क नहीं बढ़ाए जाने को लेकर अपील की थी। हालांकि दिल्ली-एनसीआर में शुल्क वृद्धि पर कोई स्पष्ट निर्देश जारी नहीं किए गए हैं।

नोएडा के एक स्कूल में पढ़ने वाले एक बच्चे के अभिभावक पी जोशी ने कहा, ”सामान्य स्थिति कब बहाल होगी, इस बारे में हमें कुछ नहीं पता। हम अपने-अपने कार्यस्थलों पर कब तक वापसी कर पाएंगे यह भी एक सवाल है जिसका अभी कोई उत्तर नहीं है और इस बीच हमें शुल्क वृद्धि के बारे में स्कूल से सूचना मिलती है। मैं चकित था कि मैं इसे कैसे वहन कर पाऊंगा? मैं स्कूल शुल्क वृद्धि और परिवहन वृद्धि को लेकर चिंतित हूं जिस संबंध में स्कूल का कहना है कि इससे शैक्षणिक वर्ष 2020-21 के लिए खर्चों को पूरा किया जाएगा।”

गुड़गांव में एक अभिभावक जागृति शुक्ला ने कहा, ”हम स्कूलों की चिंता को समझते हैं कि उन्हें वेतन का भुगतान करना है और वे शुल्क में छूट नहीं दे सकते लेकिन कम से कम इस मुश्किल समय में शुल्क वृद्धि को टाला जा सकता है। सरकार इस संबंध में कोई आदेश पारित क्यों नहीं कर रही है?”

राजेश कुमार ने भी इस तरह की चिंता जाहिर करते हुए कहा कि वेतन और अन्य भत्तों में कटौती होने से वह पहले से ही वित्तीय संकट का सामना कर रहे है। उन्होंने कहा, ”हमें मूल वेतन ही मिल रहा है, लेकिन प्रदर्शन से जुड़े अन्य लाभ लॉकडाउन की अवधि के लिए स्थगित कर दिए गए हैं। लेकिन स्कूल शुल्क वृद्धि सामान्य रूप से जारी है।” 

कोरोना वायरस से निपटने के लिए राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की घोषणा के मद्देनजर मार्च के मध्य में स्कूलों को बंद कर दिया गया था। देशभर में 21 दिन के लॉकडाउन की अवधि आज समाप्त हो रही थी, लेकिन अब इसे 3 मई तक बढ़ा दिया गया है। हालांकि कई स्कूल पहले ही पढ़ाई गतिविधियों को ऑनलाइन शुरू कर चुके हैं।

राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश सरकारों ने घोषणा की है कि स्कूलों को लॉकडाउन के दौरान अभिभावकों को शुल्क देने के लिए बाध्य नहीं करना चाहिए। हालांकि अभिभावकों के बीच इस बारे में कोई स्पष्टता नहीं है कि इस अवधि के दौरान कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा या उन्हें बाद में भुगतान करना होगा। दिल्ली सरकार ने शुल्क में किसी तरह की संभावित राहत के बारे में कोई निर्देश जारी नहीं किया है और दिल्ली में निजी स्कूल ऐसा मान रहे है कि सरकार की शुल्क समीक्षा प्रबंध समिति से शुल्क वृद्धि पर मंजूरी मिल 

Recent Posts

International Dusshera: राज्यपाल ने अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव का किया शुभारंभ

भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, कर्तव्य, न्याय और धर्म के मार्ग पर चलने की देता…

3 days ago

Dussehra 2026: जानिए भगवान श्रीराम की विजय की कथा, रावण के पतन का कारण और जीवन बदलने वाली 15 प्रेरणाएँ

केवल रावण का पुतला जलाना ही दशहरा नहीं, बल्कि अपने भीतर छिपे अहंकार, क्रोध, लोभ…

4 days ago

Hamirpur News : विधायक कमलेश ठाकुर ने एचपीकेवीएन के प्रशिक्षुओं को दी स्टाइपेंड राशि और प्रमाण पत्र

देहरा की विधायक कमलेश ठाकुर ने सोमवार को यहां सेरा के विश्राम गृह में हिमाचल…

2 weeks ago

Hamirpur News: हिमाचल के खिलाड़ियों को नादौन में मिलेंगी वर्ल्ड क्लास सुविधाएं

ख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिट्टू ने रविवार को यहां अणु में छात्राओं की…

2 weeks ago

Una News : शीतला माता मंदिर इसपुर में उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने प्रज्ज्वलित की प्रथम ज्योति

Click to teach Gmail that this conversation is important 11 अक्तूबर. उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री…

2 weeks ago

Mandi News : नेरचौक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार, मरीजों को मिल रही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं

प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण की दिशा में कई ठोस कदम उठा रही है।…

2 weeks ago