मण्डी – राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सारोआ तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक बाड़ा में विज्ञान खण्ड के निर्माण के लिए 50-50 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध करवाई जाएगी तथा इन स्कूलों में अगले शैक्षिणिक सत्र से विज्ञान कक्षाएं आरंभ कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने यह घोषणा आज मण्डी जिला के सिराज विधानसभा क्षेत्र के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सरोआ में आयोजित कार्यक्रम ‘अखण्ड शिक्षा ज्योति-मेरे स्कूल से निकले मोती’ की अध्यक्षता करते हुए की।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि अखण्ड शिक्षा ज्योति-मेरे स्कूल से निकले मोती कार्यक्रम का मुख्य उद्ेदश्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों के पूराने विद्यार्थियों को सम्मानित करना है। इससे न केवल इन पूराने विद्यार्थियों का समाज के लिए दिए गए योगदान के बारे में अवगत करना है, बल्कि इससे स्कूल के विद्यार्थियों को जीवन में सफलता के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए और अधिक कठोर परिश्रम के लिए प्रेरित करना भी है।
    जय राम ठाकुर ने कहा कि देश हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों में सुरक्षित है और आज भारत उनके सक्षम व दृढ़ नेतृत्व में विश्व गुरू बनने की ओर अग्रसर है।  उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोग केन्द्रीय नेतृत्व द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ लिए जाने वाले प्रत्येक निर्णय के साथ खड़े है। उन्होंने कहा कि हिमाचल न केवल देव भूमि है बल्कि यह वीर भूमि भी है और प्रदेश के लोगों की सशस्त्र बलों में सेवारत सैनिकों और पूर्व सैनिकों की अधिकतम संख्या है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का एक वर्ष का कार्यकाल उपलब्धियों भरा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा आरंभ की गई नीतियों व कार्यक्रमों से समाज का प्रत्येक वर्ग व प्रदेश का प्रत्येक क्षेत्र लाभान्वित हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा आरंभ किए गए कार्यक्रम जनमंच से लोगों की समस्याओं और शिकायतों का उनके घर-द्वार के निकट निवारण सुनिश्चित हुआ है। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार कार्यभार संभालने के प्रथम दिन से ही गरीब व जरूरतमंदों के कल्याण का लक्ष्य रखकर कार्य कर रही है।
    जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अपने अगले वित्त वर्ष के बजट में निर्णय लिया है कि सेवाकाल के दौरान मृत्यु होने वाले कर्मचारी के आश्रित को करुणामूलक आधार पर रोज़गार प्रदान करने का निर्णय लिया जबकि पूर्व सरकार द्वारा 50 वर्ष की आयु से पहले मृतक कर्मचारी के आश्रितों को ही करुणामूलक आधार पर रोज़गार दिया जाता था। उन्होंने कहा कि आगामी वित्त वर्ष के लिए अनेक विकासात्मक योजनाओं की भी घोषणा की गई है।
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