Swadeshi Jagran Manch has launched the 'Foreign Companies Go Back' campaign.
स्वदेशी जागरण मंच के तत्वावधान में स्वदेशी सुरक्षा एवं स्वावलंबन अभियान के तहत आज जिला ऊना के मुख्य बाजार मैहतपुर से विदेशी कंपनी भारत छोड़ो अभियान की शुरूआत की गई। इस मौके पर व्यापार मंडल समेत अन्य सामाजिक संस्थाओं ने इस अभियान में बढ़ चढक़र भाग लिया। मैहतपुर बाजार ऑपरेशन सिंदूर जारी है, अब स्वदेशी की बारी है, स्वदेशी अपनाओ, विदेशी भगाओ, देश का मान बढ़ाना है, स्वदेशी वस्तुओं को अपनाना है के नारों की आवाज चारों ओर गूंजती नजर आई। दस दौरान व्यापार मंडल मैहतपुर-बसदेहड़ा के सदस्यों ने विदेशी वस्तुएं त्यागने और स्वदेशी अपनाने का संकल्प लिया। स्वदेशी जागरण मंच के जिला पूर्णकालिक सत्यदेव शर्मा सहोड़ ने कहा कि लोग ट्रंप टैरिफ का जवाब अमेरिकी वस्तुओं का बहिष्कार करके दें। जितना ज्यादा हो सके स्वदेशी वस्तुओं का प्रयोग अपनी दिनचर्या में लाएं। उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था, भारतीय व्यापारी, बडे व छोटे
दुकानदार आर्थिक तौर पर तभी मजबूत होंगे जब लोग ऑनलाइन खरीदारी की बजाय स्थानीय बाजार से स्वदेशी सामान खरीदें। मंच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वदेशी अपनाओ आह्वान का स्वागत करता है, जिसमें उन्होंने कहा कि स्वदेशी वस्तुओं की खरीद व बिक्री भी राष्ट्र सेवा का ही एक रूप है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी जागरण मंच वर्ष 1991 से लगातार देश के नागरिकों को स्वदेशी अपनाने और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण हेतु जागरूक करता आ रहा है। मंच का दृढ़ विश्वास है कि भारत की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक समृद्धि का मार्ग स्वदेशी व आत्मनिर्भरता के सिद्धांतों से होकर ही गुजरता है। उन्होंने कहा कि मंच द्वारा 12 जून, 2025 को देशभर में स्वदेशी सुरक्षा एवं स्वावलंबन अभियान की शुरूआत की गई, जिसका उद्देश्य भारत को फिर से एक समृद्ध आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाना है, जिसे प्रधानमंत्री मीगा यानी मेक इंडिया ग्रेट अगेन कहकर संबोधित करते हैं। व्यापार मंडल मैहतपुर-बसदेहड़ा के
प्रधान सुभाष ऐरी ने कहा कि वैश्विक परिदृश्य में जहां अमेरिका, चीन और अन्य देश संरक्षणवादी नीतियों को अपनाकर अपने उत्पादों की सुरक्षा कर रहे हैं, वहीं भारत को भी चाहिए कि वह अपनी घरेलू उत्पादकता और बाजार को संरक्षित करे। चीन द्वारा भारत में सस्ते और घटिया उत्पाद डंप किए जा रहे हैं, जिससे न केवल भारतीय उद्योगों को नुकसान हो रहा है, बल्कि रोजगार और आत्मनिर्भरता पर भी संकट मंडरा रहा है। व्यापार मंडल के पूर्व अध्यक्ष विनोद कुमार ने कहा कि यह केवल आर्थिक ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का भी मुद्दा है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी आंदोलन भारत के स्वतंत्रता संग्राम की आत्मकथा है और आज भी इसकी
प्रासंगिकता बनी हुई है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे विदेशी वस्तुओं,https://tatkalsamachar.com/shimla-news-ahs-girls-school/ विशेषकर चीन, तुर्की व अन्य विरोधी देशों के उत्पादों का बहिष्कार करें, विदेशी विश्वविद्यालयों की ओर आकर्षण कम करें और स्थानीय उत्पादों व कारीगरों को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि अमेजन, वॉलमार्ट, जैसी ई-कॉमर्स कंपनियां भारतीय खुदरा व्यापार को नुकसान पहुंचा रही हैं। इन पर कठोर नियंत्रण जरूरी है। इस मौके पर सतीश कुमार, विवेक शर्मा, संजीव सचदेवा, नोनी, अश्वनी कुमार, दीपक मनोचा, संजीव भारद्वाज, बबीता कुमारी, देवेश कुमार, जितेंद्र वाली, नरेंद्र कुमार, अशोक कुमार, अरुण कुमार, बंटी समेत अनेक लोग उपस्थित रहे।
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