4300 करोड़ से ज्यादा के इंडियन टेक्नोमैक घोटाले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय और सीआईडी ने शपथपत्र के माध्यम से गुरुवार को हाईकोर्ट में कंपनी की संपत्ति का ब्योरा सौंपा। इसमें कंपनी की हिमाचल के अलावा विभिन्न प्रदेशों में मौजूद संपत्ति की जानकारी दी है। जांच एजेंसियों के इस हलफनामे के सौंपे जाने के बाद न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान ने मामले में 23 जुलाई तक ताजा स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट के सौंपे जाने के बाद हाईकोर्ट संपत्ति की नीलामी को लेकर चल रहे मामले पर फैसला लेगा। बता दें कि जगतपुर पांवटा साहिब स्थित टेक्नोमैक कंपनी द्वारा राज्य सरकार का लगभग 2100 करोड़ रुपये टैक्स न अदा करने पर फैक्ट्री को आबकारी एवं कराधान विभाग ने सीज किया है। कंपनी द्वारा जारी दस्तावेजों को तैयार करके व अधिक उत्पादन दर्शा कर केवल मात्र विभिन्न बैंकों से ऋण लेने के लिए षडयंत्र रचा गया। जिससे हिमाचल सरकार को भारी कर नुकसान हुआ है। इसके अतिरिक्त कंपनी के प्रबंधन ने पांवटा साहिब स्थित आबकारी एवं कराधान विभाग व अन्य विभागों से मिलीभगत करके इस कंपनी के बीच होने के बाद भी कंपनी के अंदर रखे हुए सामान व कबाड़ को चोरी छिपे बाहर निकाल कर बेच दिया।
फिलहाल कंपनी के प्रबंध निदेशक इस घोटाले में फरार चल रहे हैं और जांच कर रही सीआईडी उसके खिलाफ इंटरपोल से रेड कार्नर नोटिस जारी कराने का प्रयास कर रही है। वहीं कंपनी ने जिन संस्थाओं से लेन देन किया और फ्रॉड कर फरार हो गई।
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