Shimla : विश्व बैंक ने प्रदेश के लिए 2500 करोड़ रुपये के ग्रीन रेजीलिएंट इंटेग्रेटिड प्रोग्राम में रूचि दिखाई

वर्ष 2024 तक 500 मेगवाट सौर ऊर्जा दोहन का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां दक्षिण एशिया क्षेत्र के क्षेत्रीय निदेशक (सतत विकास) जॉन रूमे के नेतृत्व में विश्व बैंक की टीम के साथ बैठक के दौरान प्रदेश को हरित ऊर्जा राज्य बनाने की अवधारणा पर चर्चा की। इस दौरान विश्व बैंक की सहायता से वर्ष 2025 तक प्रदेश को हरित ऊर्जा राज्य बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के उठाए जाने वाले विभिन्न कदमों पर भी चर्चा की गई।
विश्व बैंक की टीम ने प्रदेश के लिए ग्रीन रेजीलिएंट इंटेग्रेटिड प्रोग्राम पर विशेष रूचि दिखाई जिस पर लगभग 2500 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। यह राशि तकनीकी समीक्षा के आधार पर बढ़ाई भी जा सकती है।


उन्होंने कहा कि विश्व बैंक की टीम के इस दौरे के सफल परिणाम सामने आएंगे जिससे प्रदेश सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश को वर्ष 2025 तक हरित ऊर्जा राज्य बनाने के लक्ष्य को पाने में सहायता मिलेगी। प्रदेश सरकार ने आगामी नौ महीनों में 200 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। राज्य सरकार वर्ष 2024 के अंत तक 500 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए भूमि अधिग्रहण पर कार्य कर रही है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में इलैक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित कर रही है जिससे प्रदेश का वातावरण भी संरक्षित रहेगा। प्रथम चरण में आगामी वर्ष तक अधिकतम विभागों में इलेक्ट्रिक वाहनों का प्रयोग किया जाएगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि विश्व बैंक इस संबंध में विभिन्न कार्यक्रमों के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करेगा।


प्रदेश सरकार राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन ऊर्जा मिशन की तर्ज पर प्रदेश में वृहद् स्तर पर उत्पादन से लेकर उपयोग तक कार्यप्रणाली पर कार्य करने के लिए प्रयासरत है। हालांकि ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन की तकनीक महंगी है लेकिन सरकार इस संबंध में इंडियन ऑयल कार्पाेरेशन से परामर्श लेगी जो भारत में ग्रीन हाईड्रोजन आर्थिकी के लिए अग्रणी कदम उठा रही है। इसके तहत देश के उत्तर-पूर्व क्षेत्र में प्रथम ग्रीन हाईड्रोजन संयंत्र आरंभ किया गया है। प्रदेश सरकार राज्य में कार्बन डाईऑक्साईड को घटा कर प्रदेश को प्रथम प्रदूषण रहित राज्य बनाने के लिए प्रयासरत है।


जोन रूमे ने मुख्यमंत्री द्वारा हरित ऊर्जा एवं स्वच्छ राज्य के लक्ष्य को प्राप्त करने की दूरदर्शिता की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास एक अच्छी शुरूआत प्रदान करते है। उन्होंने मुख्यमंत्री को इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इलैक्ट्रिक वाहन नीति को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाएगा तथा शीघ्र ही विश्व बैंक की एक टीम तकनीकी समीक्षा के लिए प्रदेश का दौरा करेगी।  


बैठक के दौरान प्रदेश में विश्व बैंक द्वारा भविष्य में विभिन्न कार्यक्रमों के कार्यान्वयन की गतिविधियों पर भी चर्चा की गई जिसमें सतत् वन प्रबन्धन, सामुदायिक वानिकी, पारिस्थितिक सेवाएं, आपदा प्रबन्धन के अलावा तटों, जल स्त्रोत प्रबन्धन, प्रकृति आधारित पर्यटन तथा पारिस्थितिक सेवाओं का भुगतान शामिल है। https://www.tatkalsamachar.com/hamirpur-festive-atmosphere/ विश्व बैंक ने इन प्रस्तावित परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए सहायता प्रदान करने की सहमति प्रदान की।


इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

backup_0dff07

Recent Posts

Election :न सत्ता का दुरुपयोग काम आया, न साजिशें, लोकतंत्र जीता, तानाशाही हारी: जयराम ठाकुर

इस हार से सबक ले संविधान, लोकतंत्र और जनादेश का सम्मान करना सीखें मुख्यमंत्रीचंडीगढ़ में…

2 weeks ago

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से की भेंट

अतिरिक्त वित्तीय सहायता का आग्रह, उधार सीमा 3 से बढ़ाकर 4 प्रतिशत करने का किया…

2 weeks ago

Shimla News:मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल से की भेंट

हिमाचल के विद्युत क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र…

2 weeks ago

Shimla News: प्रदेश सरकार चिकित्सा अधिकारियों (विशेषज्ञ) को एनपीए देने पर कर रही विचारः मुख्यमंत्री

कैंसर देखभाल संस्थानों के सुदृढ़ीकरण के लिए सरकार व्यय करेगी 800 करोड़ रुपये मुख्यमंत्री ठाकुर…

2 weeks ago

Raksha Bandhan: सिर्फ राखी बांधने का पर्व नहीं, प्रेम, विश्वास और रक्षा के संकल्प की सदियों पुरानी परंपरा

जानिए क्यों मनाया जाता है रक्षाबंधन और श्रीकृष्ण-द्रौपदी से लेकर मां लक्ष्मी-राजा बलि तक की…

4 weeks ago