The BJP government's intentions in Assam will not succeed this time: Thakur Sukhwinder Singh Sukhu
असम की राजधानी गुवाहाटी स्थित राजीव भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने असम की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि असम में भाजपा सरकार, प्रदेश की संपदा को नुकसान पहुंचाने वाले फैसले ले रही है। उन्होंने कहा कि असम सरकार ने अडानी पावर के साथ 6000 मेगावाट विद्युत उत्पादन का समझौता किया है, जो असम की जनता के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि पावर परचेज एग्रीमेंट 6.30 रुपये प्रति यूनिट की दर पर किया गया है, जबकि सौर ऊर्जा परियोजनाओं से बिजली 2.50 से 3 रुपये प्रति यूनिट के बीच उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि इस समझौते में अनियमितताओं की आशंका है और इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान का हवाला देते हुए कहा कि असम में कांग्रेस की सरकार बनने पर ऐसे सभी मामलों की जांच करवाई जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
श्री सुक्खू ने कहा कि पिछले दस वर्षों से असम में भाजपा सत्ता में है, लेकिन इसके बावजूद राज्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार के मोर्चे पर अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चुनावों में जाति और धर्म के आधार पर राजनीति करती रही है, लेकिन इस बार जनता उनके झांसे में नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि इस बार भाजपा अपने राजनीतिक इरादों में सफल नहीं होगी।
हिमाचल प्रदेश का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में राज्य की प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 2.83 लाख रुपये हो गई है, जो राष्ट्रीय औसत से लगभग 64 हजार रुपये अधिक है। उन्होंने कहा कि राज्य में 125 यूनिट तक दो मीटरों पर मुफ्त बिजली दी जा रही है, जबकि अति गरीब परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आरडीजी के रूप में हिमाचल प्रदेश के लोगों को मिलने वाली 8-10 हजार करोड़ रुपये वार्षिक सहायता को बंद किया गया है, लेकिन इसके बावजूद वित्तीय अनुशासन के माध्यम से प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में साक्षरता दर उच्च है और शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं में तेजी से सुधार किया जा रहा है। पर्यटन क्षेत्र में भी बेहतर कार्य हो रहा है। अनाथ बच्चों को “चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट” घोषित कर उनकी देखभाल की जिम्मेदारी सरकार ने ली है। साथ ही, सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल की गई है।
कृषि क्षेत्र में उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने प्राकृतिक पद्धति से उत्पादित गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 60 से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलो, मक्का का 40 से 50 रुपये, पांगी घाटी के जौ का 60 से 80 रुपये और प्राकृतिक हल्दी का 90 से बढ़ाकर 150 रुपये प्रति किलो किया है। पहली बार अदरक को एमएसपी के दायरे में लाकर 30 रुपये प्रति किलो तय किया गया है। इसके अलावा गाय के दूध का खरीद मूल्य 61 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध का 71 रुपये प्रति लीटर निर्धारित किया गया है।
इस अवसर पर उनके साथ असम कांग्रेस कमेटी के मीडिया चेयरमैन यदोव्रत बोरा तथा असम कांग्रेस की प्रवक्ता महिमा सिंह भी उपस्थित थी।
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