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Politics News: मुख्यमंत्री ने नौकरी देने से खड़े किए हाथ, क्यों दी थी पाँच लाख नौकरी की गारंटी : जयराम

शिमला: भाजपा विधायकों ने विधान सभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले विधान सभा परिसर में प्रदर्शन कर सुक्खू सरकार के ख़िलाफ़ नारेबाजी की और पूर्व सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को बहाल करने की माँग की। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार पूर्व सरकार की योजनाओं को बंद करके बदले की राजनीति कर रही है। मुकदमे करके, साज़िशें करके, सब कुछ बंद करने के एजेंडे पर काम कर रही है।

आज मुख्यमंत्री ने नौकरी के मामले में कह दिया कि हम नौकरी नहीं दे सकते हैं। जब दे नहीं सकते तो गारंटी क्यों दी? कांग्रेस के बड़े-बड़े नेता कसमें खाकर कहते थे—पक्की नौकरी मिलेगी, पेंशन वाली नौकरी मिलेगी, ठूंजा साल वाली मिलेगी। हमने पूरा होमवर्क कर लिया है। हमने सारी तैयारी कर ली है। सत्ता में आते ही पहली कैबिनेट में एक लाख नौकरियां निकाल दी जाएंगी। अब जब सत्ता से जाने की बारी आई तो कह रहे हैं कि नौकरियां नहीं दे पाएंगे। आखिर क्या तैयारी की थी? प्रदेश के युवाओं, महिलाओं, सबको ठगने के लिए कांग्रेस ने यह चाल चली थी। अब नक़ाब उतर रहा है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि आज तक हिमाचल में ऐसी सरकार नहीं देखी, जो अपने विपक्षियों और प्रदेश के लोगों को परेशान करने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। सहारा पेंशन देने के बजाय लाभार्थियों को मृत दिखा रही है। वृद्धा पेंशन देने के बजाय वेरिफिकेशन और केवाईसी के नाम पर उनके नाम काटे जा रहे हैं। लोगों को इलाज न मिल सके, इसके लिए हिमकेयर का भुगतान रोक दिया। हिमकेयर को बदनाम अलग से कर रहे हैं।

वह किसी दिन सदन में कहते हैं कि 1100 करोड़ का घोटाला हुआ है, लेकिन जब हमने उनके झूठ को सामने लाया और बताया कि अभी तक हिमकेयर में इतना खर्च नहीं हुआ, तो कहा कि 100 करोड़ का घोटाला हुआ है। मुख्यमंत्री ने विजिलेंस को साफ़ निर्देश कर दिया है कि हर हाल में भाजपा के नेताओं के ख़िलाफ़ केस बनाओ। चाहे जैसे, क्योंकि मैंने झूठा आरोप लगा दिया है तो मेरे आरोप को सही साबित करने के लिए केस बनाओ। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की करतूतों का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि वह विपक्ष को बदनाम करने के लिए राष्ट्रगान के अपमान का आरोप लगाया और पूरी कोशिश की कि सदन की कार्यवाही का वीडियो न दिया जाए। आज सदन का वह वीडियो आ गया और मुख्यमंत्री का झूठ बेनकाब हो गया है। अब उन्हें माफ़ी माँगनी चाहिए।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि लोग इलाज के बिना मर रहे हैं और मुख्यमंत्री साज़िश कर रहे हैं। आज भी मीडिया से यह पता चला है कि पालमपुर में एक व्यक्ति की जान इसलिए चली गई, क्योंकि निजी अस्पताल में वह डेढ़ लाख रुपये जमा नहीं कर पाया। हिमकेयर निजी अस्पताल में बंद है, इसलिए स्टेंट नहीं डाला जा सका। सिर्फ़ डेढ़ लाख रुपये के लिए एक व्यक्ति की जान चले जाना कितना पीड़ादायक है, यह शब्दों में भी बयान नहीं हो सकता है। यह इकलौता केस नहीं है, ऐसे मामले आए दिन हो रहे हैं। कभी किसी को इलाज नहीं मिलता तो कभी किसी को दवाई और सर्जिकल सामान नहीं मिलता और लोग कष्ट उठाते हैं। मुख्यमंत्री को एक बार सोचना अवश्य चाहिए।

Vivek Sood

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