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Hamirpur News:रिटायर्ड टीचर शीला देवी ने प्राकृतिक खेती से उगाया कई क्विंटल आलू

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे विशेष प्रयासों के परिणामस्वरूप कई किसान रासायनिक खाद और जहरीले कीटनाशकों को छोड़कर अपने खेतों में केवल गोबर या घर में ही तैयार की जाने वाली सामग्री का उपयोग करके न केवल अपने लिए सुरक्षित खाद्यान्न पैदा कर रहे हैं, बल्कि अपनी आय में भी अच्छी-खासी वृद्धि कर रहे हैं।


 भोरंज उपमंडल की ग्राम पंचायत भुक्कड़ के गांव बैरी ब्राहम्णा की एक रिटायर्ड टीचर शीला देवी और उनके परिजनों ने कुछ ऐसा ही करके दिखाया है। शीला देवी और उनका परिवार अपनी जमीन पर पारंपरिक रूप से गेहूं, मक्की और धान की खेती ही कर रहा था। इससे उन्हें बहुत कम पैदावार हो रही थी। रासायनिक खाद के प्रयोग से उनका खर्चा भी ज्यादा हो रहा था।


 इसको देखते हुए शीला देवी ने प्राकृतिक विधि से आलू की खेती करने का निर्णय लिया। पहली बार उन्होंने 5 किलोग्राम आलू बीजा। उन्होंने केवल गोबर की खाद का इस्तेमाल किया और इससे उन्हें लगभग साढे चार क्विंटल पैदावार हुई। इससे उत्साहित होकर शीला देवी ने बड़े पैमाने पर आलू की खेती करने का निर्णय लिया और इसके लिए कुछ श्रमिक भी काम पर रख लिए।


 पिछले सीजन में ही उन्हें एक लगभग एक बीघा जमीन से ही कई क्विंटल आलू की पैदावार हुई। शीला देवी ने बताया कि उन्होंने अपने खेतों में किसी भी तरह की रासायनिक खाद या कीटनाशक का प्रयोग नहीं किया तथा सिंचाई की सुविधा के बगैर ही अच्छी पैदावार हासिल की।


 शीला देवी का कहना है कि प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दे रही है जोकि बहुत ही सराहनीय है। इस खेती के माध्यम से जहां हमें सुरक्षित खाद्यान्न मिलते हैं, वहीं खेती पर ज्यादा खर्चा भी नहीं होता है। इस तरह की खेती में किसान का फायदा ही फायदा है।
 उन्होंने बताया कि पहले उनके इलाके में आलू की खेती नहीं होती थी, लेकिन उनके परिवार की कामयाबी को देखते हुए गांव के अन्य किसान भी इस तरह की खेती के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
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प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती को कर रही है प्रोत्साहित
प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती को बड़े पैमाने पर प्रोत्साहित कर रही है। प्राकृतिक खेती से तैयार मक्की, गेहूं और हल्दी के लिए प्रदेश सरकार ने अलग से उच्च दाम निर्धारित किए हैं। प्रदेश सरकार इस विधि से उगाई गई मक्की को 40 रुपये प्रति किलोग्राम, गेहूं को 60 रुपये और कच्ची हल्दी को 90 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीद रही है।

Vijay Sood

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