Increase the targets for collecting food grain samples from fair price shops - Dr. Katyal
राज्य खाद्य आयोग हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष डॉ. एस. पी. कत्याल की अध्यक्षता में आज जिला मंडी में खाद्य सुरक्षा, पोषण कार्यक्रमों और उचित मूल्य दुकानों की कार्यप्रणाली को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए अनेक दिशा-निर्देश जारी किए।
डॉ. कत्याल ने उचित मूल्य दुकानों से खाद्यान्न के सैंपल एकत्र करने के लक्ष्यों में वृद्धि करने को कहा, ताकि उपभोक्ता को उच्च गुणवत्ता का खाद्यान्न मिल सके।
उन्होंने मिड-डे मील की गुणवत्ता की नियमित जांच, विद्यालयों के मासिक निरीक्षण तथा भोजन बनाने वाली कार्यकर्ताओं की नियमित स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बच्चों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
अध्यक्ष ने महिला आश्रमों और वृद्धा आश्रमों में उपलब्ध करवाए जा रहे खाद्य पदार्थों व पोषण की गुणवत्ता की जांच करने तथा आश्रित महिलाओं व बुजुर्गों की स्वास्थ्य जांच का नियमित रिकॉर्ड बनाने के आदेश दिए। उन्होंने खुशी व्यक्त की कि मंडी जिले के सभी आश्रमों में रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य कार्ड पहले ही बन चुके हैं।
बैठक में कहा गया कि स्वास्थ्य विभाग और खाद्य विभाग मिलकर खाद्य सुरक्षा व स्वास्थ्य जागरूकता अभियान को मजबूत करें, जिसमें आशा वर्कर्स की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। खाद्य विक्रेताओं को भी नियमों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
डॉ. कत्याल ने जिला प्रशासन की आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रशासन ने कठिन परिस्थितियों में भी हर प्रभावित परिवार तक खाद्य सामग्री पहुँचाई तथा खाद्य आपूर्ति श्रृंखला को टूटने नहीं दिया। उन्होंने इन प्रयासों को संकलित कर लिखित दस्तावेज तैयार करने पर जोर दिया, ताकि भविष्य में प्रदेश या प्रदेश से बाहर यदि इस तरह की आपदा का सामना करना पड़े तो इन दस्तावेजों को देखकर खाद्य सामग्री को निर्बाध पहुचाना सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि पोषाहार प्रणाली सुदृढ़ रहने पर भविष्य में सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। समेकित बाल विकास परियोजना, स्वास्थ्य विभाग और स्कूलों को उपलब्ध सुविधाओं का उपयोग जनहित में अधिक प्रभावी रूप से करने पर बल दिया गया।
डॉ. कत्याल ने स्पष्ट किया कि बैठक का उद्देश्य खाद्य सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करना, लाभार्थियों को योजनाओं का पूरा लाभ देना और पोषण कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक संचालित करना है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं भी जमीनी स्तर पर निरीक्षण करेंगे।
इससे पूर्व एडीएम डॉ मदन लाल ने अध्यक्ष का स्वागत किया। वहीं जिला नियंत्रक खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले ब्रिजेन्द्र सिंह पठानिया ने बताया कि जिले के 12 ब्लॉकों में 197980 एपीएल तथा 124339 एनएफएसए राशन कार्डधारक हैं।
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