प्रदेश में भाजपा के असंतुष्टों की संख्या लगातार बढ़ता जा रहा है। कोई मंत्री, निगमों-बोर्डों का चेयरमैन बनने से असंतुष्ट हैं तो कोई संगठन में तरजीह नहीं मिलने से नाराज है। विधायकों, पूर्व विधायकों से लेकर अन्य नेताओं में भी इस बारे में असंतोष छाया हुआ है। इसी बीच अर्की के पूर्व विधायक गोविंद राम शर्मा के समर्थक भी इस बात से नाराज चल रहे हैं कि उन्हें सरकार और संगठन में कोई तरजीह नहीं दी गई है। उनसे पहले शांता कुमार सरकार और संगठन को लेकर कड़ी बातें कर चुके हैं। मंत्री नहीं बन पाने से कुछ वरिष्ठ विधायक भी अंदरखाते नाराज चल रहे थे। दो दिन पहले भाजपा के विधायक एवं पूर्व मंत्री अनिल शर्मा ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला। कुल मिलाकर यह बातें दो साल बाद के जयराम सरकार के मिशन रिपीट में बाधा बन सकती हैं। सियासत के जानकार इस बात को भी मानकर चल रहे हैं कि अगर यही हाल रहा तो दो साल बाद भी सरकार को मिशन रिपीट के लिए मोदी तिलिस्म के भरोसे ही रहना पड़ेगा।
भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, कर्तव्य, न्याय और धर्म के मार्ग पर चलने की देता…
केवल रावण का पुतला जलाना ही दशहरा नहीं, बल्कि अपने भीतर छिपे अहंकार, क्रोध, लोभ…
देहरा की विधायक कमलेश ठाकुर ने सोमवार को यहां सेरा के विश्राम गृह में हिमाचल…
ख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिट्टू ने रविवार को यहां अणु में छात्राओं की…
Click to teach Gmail that this conversation is important 11 अक्तूबर. उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री…
प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण की दिशा में कई ठोस कदम उठा रही है।…