हिमाचल में इस बार 75 लाख पेटी सेब का कम उत्पादन हुआ है। इस सीजन में 2.70 करोड़ सेब पेटियां अभी तक देश की मंडियों में पहुंच चुकी हैं। सेब तो 75 लाख पेटी कम हुआ ही, साथ ही ज्यादातर सेब का रंग और आकार न बनने से उसे सी ग्रेड श्रेणी में रखा गया। इनके बागवानों को अच्छे दाम भी नहीं मिले। किन्नौर के ऊंचाई वाले इलाके चांगो का ही सेब अब बचा हुआ है। यहां पांच लाख तक सेब पेटी का अनुमान है। इस साल 2.75 करोड़ सेब पेटियों का उत्पादन हुआ है जबकि, पिछले साल यह आंकड़ा 3.50 करोड़ सेब पेटी था। कोरोना काल होने के बावजूद सेब सीजन की शुरुआत में तो बागवानों को अच्छे दाम मिले लेकिन, उसके बाद सेब उत्पादन अच्छे दामों को तरसते रहे। हालांकि, उच्च विदेशी क्वालिटी के सेब ने इस बार रिकॉर्ड भी तोड़े।
लोक भवन में आज गुजरात और महाराष्ट्र के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में एक गरिमामय…
धर्मशाला नगर निगम के लिए वार्ड संख्या – 1 श्रीमती हिमांशी पत्नी सनी हरीश वार्ड संख्या 2 अशोक पठानिया…
सूचना एवं जन संपर्क निदेशालय में आज अधीक्षक ग्रेड-1 बलवीर सिंह और कम्पयूटर ऑपरेटर हरीश…
कक्षा 7 के छात्र वेदांत शर्मा ने अपनी पहली पुस्तक “Where the Window Begins” प्रकाशित…
शिमला से जारी बयान में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर ने कहा…
लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने शनिवार देर सायं नई दिल्ली में…