जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के लोग विशेषकर जिला शिमला के लोग  नरेन्द्र बरागटा द्वारा बागवानी, तकनीकी शिक्षा इत्यादि जैसे विभिन्न  क्षेत्रों में किए गए योगदान को सदैव याद रखेंगे। नरेन्द्र बरागटा ने सदैव  जुब्बल-कोटखाई के लोगों तथा बागवानों के हितों का ध्यान रखा तथा क्षेत्र के  विकास को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि नरेन्द्र बरागटा के रूप में  उन्होंने अपने परम मित्र को खोया है जिन्होंने अपने अनुभव से पार्टी को  मजबूत किया। नरेन्द्र बरागटा ने सदैव लोगों की मांगों तथा उनके कल्याण के  लिए कार्य किया। उन्होंने कहा कि नरेन्द्र बरागटा का निधन अपूर्णीय क्षति  है।


मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की  शान्ति तथा शोकसंतप्त परिवार के सदस्यों को इस असहनीय दुःख को सहने की  शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।


जय राम ठाकुर  ने चण्डीगढ़ में नरेन्द्र बरागटा की पार्थिव देह पर माल्यार्पण किया तथा  प्रदेश और भारतीय जनता पार्टी के विकास के लिए उनके योगदान को स्मरण किया।


हिमाचल प्रदेश मंत्रिमण्डल के सभी सदस्यों ने भी नरेन्द्र बरागटा के निधन पर शोक व्यक्त किया।

इस अवसर पर चण्डीगढ़ में भाजपा के राज्य अध्यक्ष सुरेश कश्यप, भाजपा के हिमाचल प्रभारी अविनाश राय खन्ना, सह-प्रभारी संजय टण्डन, भाजपा के संगठन सचिव पवन राणा, विधायक डाॅ. राजीव बिन्दल और परमजीत सिंह पम्मी, जल प्रबन्धन बोर्ड के उपाध्यक्ष दर्शन सिंह सैणी, पूर्व सांसद कृपाल परमार तथा अन्य भाजपा नेताओं ने भी नरेन्द्र बरागटा की पार्थिव देह पर माल्यार्पण किया। 

 
नरेन्द्र बरागटा वर्ष 1998 में शिमला विधानसभा क्षेत्र से हिमाचल प्रदेश विधानसभा के लिए चुने गए और प्रदेश में भाजपा नेतृत्व की सरकार में बागवानी राज्य मंत्री बने। वर्ष 2007 में वह पुनः जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र से विधानसभा के लिए चुने गए और भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाए गए। नरेन्द्र बरागटा वर्ष 2017 में फिर  विधानसभा के लिए चुने गए और मुख्य सचेतक बनाए गए। 

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