लोक भवन में आज गुजरात और महाराष्ट्र के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में एक गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने हिमाचल प्रदेश में निवास कर रहे दोनों राज्यों के लोगों को इस अवसर को एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक आदान-प्रदान की भावना के साथ मनाने का संदेश दिया।


राज्यपाल ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विभिन्न प्रदेशों के लोगों को एक मंच पर लाकर आपसी समझ और सौहार्द को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने सभी से मिल-जुलकर देश की ‘विविधता में एकता’ की भावना को सशक्त बनाने का आह्वान किया।


इस अवसर पर गुजरात और महाराष्ट्र के प्रतिभागियों ने राज्यपाल के साथ संवाद किया और अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और रीति-रिवाजों के बारे में जानकारी साझा की।
राज्यपाल ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि विचारों के आदान-प्रदान का एक सशक्त मंच बनकर उभरा है। इसके माध्यम से देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों के बीच न केवल संवाद को नई दिशा मिली, बल्कि आपसी सम्मान, समझ और सहयोग के रिश्तों को भी और अधिक गहराई व मजबूती प्राप्त हुई है।


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री गुप्ता ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम अपनत्व और राष्ट्रीय एकता की भावना को और मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि अनेक भाषाओं और विविध संस्कृतियों के बावजूद भारत के लोग एक राष्ट्र के रूप में एकजुट हैं, जो देश की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना भारतीय संस्कृति में गहराई से समाहित है और राज्य स्थापना दिवस जैसे आयोजन इस महान विचारधारा को दर्शाते हैं।


कविन्द्र गुप्ता ने कहा कि लोक भवन में आयोजित ऐसे कार्यक्रम लोगों को एक-दूसरे को बेहतर समझने और देश की समृद्ध विविधता के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर प्रदान करते हैं।
इस अवसर पर राज्यपाल ने अतिथियों को हिमाचली टोपी और मफलर भेंट कर सम्मानित किया।
राज्यपाल के सचिव संदीप भारद्वाज भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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