A meeting of the District Road Safety Committee was held under the chairmanship of Deputy Commissioner Mukesh Repswal
उपायुक्त मुकेश रेपसवाल की अध्यक्षता में आज जिला सड़क सुरक्षा समिति बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में उन्होंने राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 के अंतर्गत जिले में संचालित विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की।
उपायुक्त ने जनहित में जागरूकता गतिविधियों को और अधिक बढ़ाए जाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को स्वास्थ्य विभाग से समन्वय स्थापित कर जिले के सभी उपमंडल मुख्यालयों, बस स्टैंड, टैक्सी स्टैंड इत्यादि प्रमुख स्थानों पर वाहन चालकों की नेत्र जांच के लिए विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने इसके साथ ही संबंधित विभागीय अधिकारियों को शिक्षण संस्थानों में सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक अभियान आरंभ करने को भी कहा।
मुकेश रेपसवाल ने पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वाहन दुर्घटना की स्थिति में घायलों की तत्परता से सहायता करने वाले नागरिकों (राहवीरों) के नाम फर्स्ट रिपोर्ट में अनिवार्य रूप से दर्ज किए जाएँ, ताकि उन्हें उचित सम्मान एवं पहचान मिल सके। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को ओवरलोडिंग के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को अधिक से अधिक जागरूक करने तथा नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
उपायुक्त ने कहा कि हिट एंड रन मामलों में पीड़ितों को कैशलेस उपचार तथा प्रावधानों के अनुसार गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को 50 हजार रुपये एवं मृत्यु की स्थिति में परिजनों को दो लाख रुपये तक की सहायता राशि प्रदान करने के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित बनाई जाए।
उपायुक्त ने जिले में दुर्घटना मृत्यु दर (एक्सीडेंट मॉर्टेलिटी रेट) से संबंधित आंकड़ों पर विस्तृत समीक्षा करते हुए सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को इनमें कमी लाने के लिए ठोस और बहुस्तरीय उपायों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने सभी नागरिकों से अपनी तथा दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सड़क सुरक्षा नियमों का दृढ़ता एवं जिम्मेदारी के साथ पालन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य उपयोग, निर्धारित गति सीमा का पालन तथा यातायात नियमों के प्रति जागरूकता ही दुर्घटनाओं में कमी लाने और अनमोल जीवन की रक्षा का प्रभावी माध्यम है।
बैठक में पुलिस अधीक्षक विजय कुमार सकलानी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जालम भारद्वाज, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी राम प्रकाश, अधिशासी अभियंता जोगिंदर शर्मा, अध्यक्ष व्यापार मंडल वीरेंदर महाजन तथा नगर परिषद की कनिष्ठ अभियंता नितिका ठाकुर सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
शिमला, 10 फरवरी — जिला पुलिस शिमला के मादक पदार्थ विरोधी अभियान के तहत पुलिस…
उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने सभी अधिकारियों से अपील की है कि वे फील्ड में किसी…
मंडी के विख्यात अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव-2026 के उपलक्ष्य में आयोजित की जा रही कल्चरल परेड…
मंडी जिला के करसोग क्षेत्र में स्थित तत्तापानी तेजी से नए पर्यटन गंतव्य के रूप…
किन्नौर जिला के कल्पा उपमंडल की ग्राम पंचायत रोघी के पंचायत घर में एक दिवसीय…
राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज किन्नौर…