ग्रेटर नोएडा में रहने वाले संन्यासी बाबा विदेशी पत्नी को भारत की नागरिकता दिलाने के लिए परेशान घूम रहे हैं। अब उन्होंने इसके लिए पुलिस से मदद मांगी है। नागरिकता कानून पर हुए बवाल के बाद उन्हें यह जरूरत महसूस हुई है।
जैतपुर गांव के निवासी बाबा बालकनाथ गांव के मंदिर में रहते हैं। उन्होंने बताया, 20 वर्ष पहले वह संन्यास लेकर मथुरा चले गए थे। वहां उनकी मुलाकात स्पेन की रहने वाली महिला शिक्षिक मरिया निएरिश से हुई थी। दोनों ने हिन्दू रीति से शादी कर ली थी, लेकिन शादी का कोई प्रमाण उनके पास नहीं है। बाबा ने बताया कि उनके दो बच्चे भी हैं। उनका बेटा गोवा में है और बेटी स्पेन में पत्नी के साथ रहती है। उनकी पत्नी बिजनेस वीजा पर जैतपुर में उनके पास आती रहती हैं।
उन्होंने बताया कि वह पत्नी को भारत की नागरिकता दिलाना चाहते हैं। वह कहते हैं कि अभी तक उन्होंने इसकी जरूरत महसूस नहीं की थी। लेकिन, अब जब नागरिकता कानून को लेकर बवाल चल रहा है तो मुझे चिंता हो रही है। अब मैं चाहता हूं कि उन्हें यहां की नागरिकता दी जाए। उन्होंने बताया कि जब हमने नागरिकता लेने के लिए आवेदन करना चाहता तो शादी का सबूत मांगा गया।
अब बाबा बालकनाथ के लिए शादी का प्रमाण पत्र अड़चन बना हुआ है। इसके चलते वह पत्नी को भारत की नागरिकता दिलाने के लिए पिछले दो महीने से पुलिस अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। सोमवार को बाबा ने एसएसपी दफ्तर पहुंचकर पुलिस से मदद की गुहार लगाई। पुलिस ने एलआईयू से संपर्क करने की सलाह दी।
इस बारे में डीएसपी तनु उपाध्याय का कहना है कि यह कानूनी प्रक्रिया है, जिसके लिए जरूरी दस्तावेज होने अनिवार्य हैं। बाबा बालकनाथ को अपनी शादी पंजीकृत करवानी होगी। उसके बाद वह अपनी पत्नी को भारतीय नागरिकता दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। इसी कारण उन्हें एलआईयू और आव्रजन कार्यालय में संपर्क करने को कहा गया है।
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