दुनिया भर में जारी कोरोना महामारी का बड़ा असर उड्डयन क्षेत्र पर पड़ा है और भारत भी इससे अछूता नहीं.
भारत की घरेलू विमान कंपनी इंडिगो ने मौजूदा स्थिति को ‘युद्ध’ के समान बताया है.
सेंटर फ़ॉर एविएशन यानी कापा का अनुमान है कि इससे विमानन क्षेत्र को 3.3 अरब डॉलर से 3.6 अरब डॉलर तक का नुक़सान होगा. साथ ही कोरोना महामारी की वजह से बिगड़ी आर्थिक परिस्थिति का असर इस क्षेत्र की 29 लाख नौकरियां भी ख़तरे में हैं.
पिछले दिनों ब्रिटेन की विमान कंपनी ब्रिटिश एयरवेज़ ने आने वाले दिनों में 12 हज़ार नौकरियों को ख़त्म करने की घोषणा की थी.
भारत में बाक़ी सेक्टर्स की तरह विमानन क्षेत्र के लिए भी लॉकडाउन बिना किसी चेतावनी के लागू कर दिया गया. लॉकडाउन लागू होने के बाद 24 मार्च आधी रात के बाद से न सिर्फ़ सैकड़ों प्लेन एयरपोर्ट पर खड़े हैं बल्कि हवाई जहाज़ कंपनियों को आगे की बुकिंग के रिफंड का नुक़सान भी उठाना पड़ा है.
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