उपचार के साथ साथ पैसे हस्तांतरण के बारे में मिलेगी जानकारी

टीबी उन्मूलन के लिए ब्लाक स्तर पर क्षय रोग समितियां की हैं गठित

 उपायुक्त डा निपुण जिंदल ने कहा कि टीबी के रोगियों की मदद के लिए आरोग्य साथी ऐप लॉन्च किया गया है इस ऐप के माध्यम से रोगियों को उनके इलाज की प्रगति को ट्रैक करने और उनके मोबाइल पर सीधे पैसा हस्तांतरण के बारे में भी जानकारी मुहैया करवाई जाएगी।
       बुधवार को युद्व स्मारक धर्मशाला के सभागार में डीसी डा निपुण जिंदल ने जिला क्षय रोग समिति एवं जिला टीबी फोरम और टीबी सहयोग समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि कांगड़ा जिला को टीबी मुक्त बनाने के लिए सार्थक कदम उठाए जा रहे हैं इस के लिए बेहतर सैंपल ट्रांसपोर्ट और एक्टिव केस फाइंडिंग, पाइंट ऑफ केयर मालिक्यूलर टेस्टिंग के जरिए हर टीबी मरीज तक पहुंचने पर बल दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि टीबी रोगियों का इलाज उच्च गुणवत्ता वाली टीबी विरोधी दवाओं से सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन के लिए ब्लॉक क्षय रोग समितियां गठित की गई हैं।
 उन्होंने कहा कि  टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत आशा वर्कर्स के माध्यम से गांव-गांव तक पहुंचा जा रहा है, दवा संवेदनशील उपचार के लिए आशा कार्यकर्ताओं के नेटवर्क के माध्यम से घर-घर जाकर विकेन्द्रीकृत तरीके से उपचार मुफ्त प्रदान किया जाता है, और रोगियों को बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से पोषण सहायता प्रदान की जाती है।  योजना की शुरुआत से अब तक इस योजना के तहत  जिला कांगड़ा मै टीबी रोगियों को 2.6 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि जिला कांगड़ा को इस वर्ष इंडियन एसोसिएशन ऑफ प्रिवेंटिव एंड सोशल मेडिसिन (आईएपीएसएम) और डब्ल्यूएचआ,े आईसीएमआर, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी (एनआईई), चेन्नई द्वारा किए गए टीबी मुक्त प्रमाणीकरण के तहत कांस्य पदक से सम्मानित किया गया है। इस प्रक्रिया में राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के आंकड़ों की समीक्षा और निजी क्षेत्र में दवा की बिक्री, निजी चिकित्सकों और दवा विक्रेताओं के साथ  साक्षात्कार और फोकस समूह चर्चा और सर्वेक्षण शामिल किया गया था।

उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिला में  टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत सेवाओं में 40  माइक्रोस्कोपी केंद्रों के नेटवर्क के माध्यम से मुफ्त टेस्ट, 11 स्थानों पर आधुनिक एलईडी/फ्लोरोसेंट माइक्रोस्कोप की सुविधा पालमपुर, ज्वालामुखी, नूरपुर, धर्मशाला, मेडिकल कॉलेज टांडा, डेलेक और आयुर्वेदिक अस्पताल पपरोला में उपलब्ध हैं।  धर्मशाला, नूरपुर, पालमपुर और टांडा में परीक्षण टीवी के जांच के लिए आधुनिक चिकित्सा मशीनें लगाई गए है।

 इस अवसर पर कांगड़ा के सीएमओ डॉ. गुरदर्शन गुप्ता ने कहा कि जिला कांगड़ा ने 2021 में 1356 टीबी मामलों को अधिसूचित किया, जो लक्ष्य का 94 प्रतिशत था।  कोविड-19 की दूसरी लहर के चरम के दौरान, मई में टीबी अधिसूचना में मामूली गिरावट आई थी, लेकिन इसमें धीरे-धीरे फिर से सुधार हो रहा है।  उन्होंने कहा कि इस अवधि के लिए टीबी कार्यक्रम का प्रदर्शन की परफारमेंस इंडिकेटर्स के 9 मानकों के आधार पर 93 प्रतिशत था, जबकि 80 से ऊपर के स्कोर को बहुत अच्छा माना जाता है।

 इससे पहले जिला टीबी अधिकारी डॉ आरके सूद ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए कांगड़ा जिला में टीबी उन्मूलन के तहत उठाए गए कदमों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। इस अवसर पर टीबी चैंपियन्स ने भी अपने अनुभव सांझा किए।
   धर्मशाला अस्पताल के सीनियर मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. गुलेरी, पालमपुर हॉस्पिटल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. विनय महाजन व इंडियन मेडिकल एसोसिशन  से डॉ. संजय भारद्वाज , जिला पंचायत अधिकारी अश्वनी कुमार,  गुंजन संस्था से संदीप परमार व विजय कुमार , विश्व स्वास्थ्य संगठन से डॉक्टर रविंदर कुमार, जिला स्वास्थ्य अधिकारी विक्रम कटोच सहित विभिन्न अधिकारी मौजूद थे।

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