हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी शिमला में ब्लैक फंगस का दूसरा मामला सामने आया है. मामला सोलन जिला का है जहां 41 वर्षीय महिला में ब्लैक फंगस के लक्षण पाए गए हैं. जिसका है. आईजीएमसी के डिप्टी एमएस डॉ राहुल गुप्ता ने बताया कि इससे पूर्व नेरचौक मेडिकल कॉलेज से रेफर की गई महिला की हालत भी अभी स्थिर है जिसका ऑपरेशन सोमवार को किया जाएगा. फिलहाल विशेषज्ञों की टीम दोनों महिलाओं की निगरानी कर रही है.
कोरोना पॉजिटिव महिला में मिले ब्लैक फंगस वायरस का और अधिक पता करने के लिए मेडिसिन डिपार्टमेंट के हेड, ईएनटी,आईं एयर डेंटल विभाग के चिकित्सकों ने महिला के नाक से सैंपल लेकर एमआरआई की गई है. इसे जांच के लिए माइक्रोबायोलॉजी और पैथोलॉजी विभाग में भेजा है. महिला की जांच के लिए पांच डॉक्टर की टीम निगरानी कर रही है. फिलहाल महिला को एकोटायसन बी इंजेक्शन दिया गया है जिससे उसकी हालत स्थिर है. उन्होंने बताया कि दोनों महिलाओं को अलग वार्ड में आइसोलेट किया गया है. ताकि वायरस का प्रकोप दूसरे मरीजों को न हो. डॉ राहुल गुप्ता ने कहा कि कोरोना महामारी के बीच ब्लैक फंगस बीमारी भी तेजी से फैल रही है. इससे जान भी जान सकती है. यह फंगस 6 से 7 प्रकार का होता है जिसे चेहरे की हड्डियों में दर्द रहता है साथ ही नजर जोर होना और दांत में दर्द,इसके साथ नाक से काले रंग के छिलके निकलते हैं जो इसके मुख्य लक्षण हैं

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