दो साल तक सचिव दफ्तर नहीं आया और सैलरी लेता रहा. बाद में एक दिन के लिए दफ्तर पहुंचा और दो साल की हाजिरी लगा दी. मामला हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले का है. अब मामले में बीडीओ और सचिव के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है.
जानकारी के अनुसार, सोलन में विजिलेंस विभाग ने यह कार्रवाई अमल में लाई है और खंड विकास अधिकारी और सचिव के खिलाफ मामला दर्ज किय है. सचिव दो साल से कार्यालय नहीं आ रहा था, लेकिन उच्च अधिकारी इस बात को नज़र अंदाज़ कर रहे थे. सचिव और खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) विजय पॉल और सचिव देवेंद्र कालिया ने मिलीभगत कर गड़बड़झाले को अंजाम दिया है
इस मामले की शिकायत विजिलेंस अधिकारी संतोष शर्मा को मिली तो उन्होंने अपना जाल बिछाया और काफी दिनों तक विभाग के कार्यालय पर नज़र रखी. जब उनके हाथ पक्के सबूत लग गए, तब उन्होंने दोनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई. आरोपी सचिव पेट्रोल पंप और अन्य कारोबार करता है.
डीएसपी विजिलेंस संतोष शर्मा ने बताया कि बीडीओ कार्यालय में तैनात सचिव पिछले दो साल से कार्यालय नहीं आ रहा था. विभाग को शिकायत मिली थी कि सचिव कार्यालय ना आकर अपना निजी व्यवसाय चला रहा है. जब सचिव को यह पता चला कि विजिलेंस जाँच कर रही है तो वह एक दिन कार्यालय आया और खंड विकास अधिकारी कुनिहार के साथ मिलकर पिछले दो वर्षों की हाजिरी एक दिन में लगा दी. सचिव दवेंद्र कालिया और बीडीओ कुनिहार विजय पाल के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई अमल में लाई जा रही है. उन्होंने बताया कि जब विजिलेंस ने सचिव की हाजिरी का रिकॉर्ड माँगा तो बीडीओ ने गलत सत्यापित दस्तावेज प्रस्तुत किए थे
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