हिमाचली गबरू और IIT शोधकर्ता का आविष्कार, सौर ऊर्जा से चलने वाला ऑटो बनाया

ऊना. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के ऊना (Una) जिला के रहने वाले विपन धीमान ने सौर ऊर्जा (Solar Energy) से चलने वाले ऑटो (Auto) बनाया है. इस ऑटो के मार्केट में आने से जहाँ लोगों को डीजल,-पैट्रोल के झंझट से राहत मिलेगी, वहीं. यह पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका अदा करेगा. एक बार पूरा चार्ज होने पर यह ऑटो 200 किलोमीटर का सफर तय कर सकता है.

सौर ऊर्जा न मिलने पर इसे बिजली (Electricity) से भी चार्ज किया जा सकता है. ऊना का विपन आईआईटी मंडी में शोधकर्ता है और इस ऑटो को बनाने के लिए आईआईटी मंडी (IIT Mandi) कैटालिस्ट द्वारा ही आर्थिक मदद की गई है. प्रदेश सरकार द्वारा भी स्टार्टअप योजना के तहत विपन को हर माह एलाउंस भी दिया जा रहा है. विपन का अगला लक्ष्य ऊना में सोलर ऑटो तैयार करने उद्योग स्थापित करने का है, ताकि स्थानीय लोगो को रोजगार भी मिल सके।

पिता का ऑटो का कारोबार
गौरतलब है कि विपन धीमान ऊना जिला के गाँव बसोली के रहने वाले हैं. उनके पिता ऊना में ऑटो स्पेयर पार्ट का व्यवसाय करते हैं. अपने पिता के व्यवसाय के दौरान ही गाड़ियों में रुचि होने के चलते ही विपन ने ऑटोमोबाइल इंजीनिरिंग की. इस समय विपन आईआईटी मंडी में शोधकर्ता है. विपन ने ऑटो व्यवसाय को सस्ता और प्रदूषण रहित बनाने के उद्देश्य से आईआईटी मंडी के समक्ष सोलर ऊर्जा से चलने वाले ऑटो का प्रस्ताव रखा, जिसे आईआईटी मंडी ने स्वीकार किया और सोलर ऑटो बनाने के लिए विपन को आर्थिक मदद दी.

800 वॉट का सोलर पैनल
इस ऑटो पर 800 वॉट का सोलर पैनल स्थापित किया गया है. सौर ऊर्जा से पूरा चार्ज होने के बाद यह ऑटो 200 किलोमीटर का सफर तय कर सकता है. इस ऑटो की अधिकतम स्पीड 45 किलोमीटर प्रति घंटा है. वहीँ सौर ऊर्जा न मिलने पर इस ऑटो को बिजली से भी चार्ज किया जा सकता है. यह ऑटो जहाँ ध्वनि रहित है, वहीँ इससे प्रदूषण भी नहीं फैलता है. विपन धीमान ने बताया कि इस ऑटो को बनाने के लिए उन्हें दो साल का समय लगा है.

डेढ़ लाख का खर्च आया
विपन ने बताया कि अभी तक इस ऑटो को बनाने में डेढ़ लाख का खर्च आ चुका है. 2 से ढाई लाख के बीच यह ऑटो पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाएगा. विपन ने बताया कि आईआईटी मंडी कैटालिस्ट से इस ऑटो को बनाने के लिए डेढ़ लाख रुपये मिले हैं. प्रदेश सरकार भी उन्हें एक साल के लिए 25 हजार रुपये प्रति माह एलाउंस दे रही है. विपन की मानें तो डीजल ऑटो बंद होने के बाद यह ऑटो मैदानी इलाकों के लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकता है. विपन ने बताया कि उसने अपनी कंपनी भी रजिस्टर्ड करवा ली है और जल्द ही ऊना में सोलर ऑटो बनाने का उद्योग स्थापित किया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार भी उपलब्ध होगा.

लोग खासे उत्साहित
ऑटो की सवारी करने वाले भी ऑटो को देखकर खासे उत्साहित हैं. स्थानीय लोगों की मानें तो इस ऑटो में कोई साउंड नहीं है और न ही इससे प्रदूषण होगा. स्थानीय लोगों की मानें तो आने वाले समय में यह एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है.

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