तीन साल पहले टाटा समूह के चेयरमैन पद से हटाए गए साइरस मिस्त्री ने रविवार को कहा कि वह टाटा समूह में लौटकर कोई पद लेने के इच्छुक नहीं हैं। उन्होंने देर शाम जारी एक बयान में कहा कि वह टाटा समूह के हितों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि टाटा समूह के हित उनके या किसी भी अन्य व्यक्ति के हितों से ऊपर हैं और अधिक महत्वपूर्ण हैं।
मिस्त्री ने यह बयान ऐसे समय जारी किया है जब सुप्रीम टाटा समूह के साथ उनके विवाद पर सुनवाई करने वाली है। मिस्त्री को टाटा समूह के चेयरमैन तथा समूह की कंपनियों के निदेशक मंडलों से निकाल दिया गया था। राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने हाल ही में मिस्त्री को पुन: इन पदों पर नियुक्त करने का फैसला सुनाया था। एनसीएलएटी के फैसले को टाटा संस तथा समूह की कंपनियों ने उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है।
मिस्त्री ने कहा, ”जारी दुष्प्रचार को खत्म करते हुए मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि एनसीएलएटी का निर्णय मेरे पक्ष में आने के बाद भी मैं टाटा संस के कार्यकारी चेयरमैन तथा टीसीएस, टाटा टेलीसर्विसेज और टाटा इंडस्ट्रीज के निदेशक का पद नहीं संभालना चाहता हूं। हालांकि, मैं अल्पांश शेयरधारक के नाते अपने अधिकारों की रक्षा करने और निदेशक मंडल में स्थान पाने के लिये सभी विकल्पों के साथ पुरजोर कोशिश करूंगा।
इस हार से सबक ले संविधान, लोकतंत्र और जनादेश का सम्मान करना सीखें मुख्यमंत्रीचंडीगढ़ में…
अतिरिक्त वित्तीय सहायता का आग्रह, उधार सीमा 3 से बढ़ाकर 4 प्रतिशत करने का किया…
हिमाचल के विद्युत क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र…
कैंसर देखभाल संस्थानों के सुदृढ़ीकरण के लिए सरकार व्यय करेगी 800 करोड़ रुपये मुख्यमंत्री ठाकुर…
कंस के अत्याचार से लेकर धर्म की स्थापना तक—श्रीकृष्ण का जीवन आज भी देता है…
जानिए क्यों मनाया जाता है रक्षाबंधन और श्रीकृष्ण-द्रौपदी से लेकर मां लक्ष्मी-राजा बलि तक की…