देश में पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) की नियुक्ति के साथ ही दुश्मनों के खिलाफ जंग में चक्रव्यूह रचने के लिए थिएटर कमांड्स बनाए जाने की तैयारी शुरू हो चुकी है। जनरल बिपिन रावत ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का पद संभालते ही संकेत दे दिए थे कि देश में थिएटर कमांड्स बनाए जाएंगे।
जंग के दौरान तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल रहे और सटीक रणनीति से दुश्मन को चारों खाने चित किया जाए, इसी के लिए यह सिस्टम तैयार किया जाएगा। थिएटर कमांड्स क्या है? यह कैसे काम करेगा? देश में आखिर इसकी क्या जरूरत है? भविष्य में देश में कितने थिएटर कमांड्स बनाए जाएंगे? दुश्मन को धूल चटाने में आखिर यह कैसे कारगर होंगे? आइए जानते हैं इससे जुड़े सभी सवालों के जवाब
थिएटर कमांड्स का निर्माण भौगोलिक आधार पर किया जाता है। मसलन पहाड़ी क्षेत्र, राजस्थान के रेगिस्तान, मैदान इलाके। तीनों सेनाओं के साथ अन्य सैन्य बलों को एक जैसे भौगोलिक और रणनीतिक क्षेत्र में साथ लाकर एक ही ऑपरेशनल कमांडर के नेतृत्व में थिएटर कमांड बनाया जाता है।
एक ही भौगोलिक क्षेत्र में तैयार थिएटर कमांड्स का लक्ष्य एक युद्ध क्षेत्र में स्थिति को नियंत्रण में रखना है। जल, थल और हवा में आपसी सामंजस्य बनाकर युद्ध में सफलता हासिल करने का काम यही थिएटर कमांड्स सुनिश्चित करते हैं।
देश के करीब 15 लाख सैन्य बल को एकजुट करने के लिए थिएटर कमांड जरूरी है। इससे आधुनिकीकरण का खर्च कम होगा क्योंकि आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल सभी कमांड के अंतर्गत आने वाले सभी सैन्य बल कर सकेंगे।
अभी देश में सिर्फ एक थिएटर कमांड है. इसकी स्थापना वर्ष 2001 में अंडमान निकोबार में किया गया था. वैसे देश में अभी तीनों सेनाओं के अलग-अलग 17 कमांड्स हैं. सात थल सेना के पास, सात वायुसेना के पास और तीन नौसेना के पास. इसके अलावा एक स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड है जो परमाणु शस्त्रागार को सुरक्षा देता है और उसे संभालता है. इसकी स्थापना वर्ष 2003 में की गई थी.
पश्चिमी थिएटर कमांड : पाक सीमा से सटे पंजाब, राजस्थान और गुजरात के कच्छ का क्षेत्र
उत्तरी थिएटर कमांडः जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का पहाड़ी इलाका
पूर्वी थिएटर कमांडः पूर्वोत्तर से सटी चीन सीमा का इलाका, बांग्लादेश और म्यांमार की सीमा वाला क्षेत्र
दक्षिणी थिएटर कमांडः देश के तीनों तटों की सुरक्षा के लिए एकीकृत कमांड
एयरोस्पेस थिएटर कमांडः आसमान की रक्षा के लिए
लॉजिस्टिक्स थिएटर कमांडः सभी थिएटर कमांड्स के बीच साजो-सामान पहुंचाने का काम करेगा। साथ में विदेशी थिएटर कमांड्स से तालमेल बैठाएगा।
कमांड के गठन को लेकर तीनों सेना प्रमुखों में मतभेद था।
सेनाओं को आशंका थी कि इससे उनकी स्वायत्तता और महत्व कम हो सकता है।
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