अगर आपको लगता है कि महिलाएं अपनी फिटनेस और खान-पान को लेकर पुरुषों की तुलना में ज्यादा सचेत रहती हैं तो आप गलत है। जी हां हाल ही में हुआ एक सर्वे तो ऐसा ही कुछ कह रहा है। दरअसल, हाल ही में इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रीशन, हैदराबाद ने महिलाओं और पुरुषों पर एक सर्वे किया। इस सर्वे में पाया गया कि ज्यादातर महानगरों में रहने वाली महिलाएं पुरुषों की तुलना में अधिक चीनी का सेवन करती हैं। 

बता दें, अतिरिक्त चीनी खाने-पीने की चीजों में उनके उत्पादन (औद्योगिक प्रसंस्करण) के दौरान मिलाई जाती हैं, ताकि उनकी मिठास बढ़ाई जा सके। इस सर्वे में पाया गया कि सभी महानगरों में चीनी का औसत उपभोग 19.5 ग्राम/प्रतिदिन है, जो आईसीएमआर द्वारा सुझाए गए स्तर 30 ग्राम/प्रतिदिन से कम है। 

सर्वेक्षण के मुताबिक पुरुषों में अतिरिक्त चीनी लेने की मात्रा हैदराबाद में सबसे कम है। इस मात्रा को ग्राम प्रतिदिन में मापा गया है। यह सर्वे साल 2015-16 के दौरान राष्ट्रीय पोषण निगरानी ब्यूरो द्वारा देश के सभी 16 बड़े शहरों से लोगों के खान-पान के आंकड़ों को जुटाकर किया गया। बता दें, इस सर्वे को इंटरनेशनल लाइफ साइंसेज इंस्टीट्यूट-इंडिया (आईएलएसए-इंडिया) ने प्रायोजित किया। 

सर्वे में पता चला कि महिलाओं में चीनी लेने की औसत मात्रा (20.2 ग्राम प्रतिदिन) पुरुषों (18.7 ग्राम प्रतिदिन) की तुलना में अधिक है। हालांकि इस तरह की प्रवृत्ति अहमदाबाद को छोड़ कर सभी शहरों में देखी गई, जहां पुरुषों और महिलाओं ने लगभग समान मात्रा में अतिरिक्त चीनी का उपभोग किया।
  
सर्वे में यह भी बताया गया कि वयस्क एवं उम्रदराज लोग कम उम्र के लोगों की तुलना में अधिक चीनी का उपभोग करते हैं। सर्वाधिक चीनी उपभोग करने वाला आयुसमूह, 36-59 वर्ष के बीच के लोग(20.5 ग्राम प्रतिदिन) पाए गए। किशोरों में यह मात्रा 19.9 ग्राम प्रतिदिन मापी गई जबकि स्कूली बच्चों और प्री स्कूल बच्चों यह मात्रा क्रमश: 17.6 और 15.6 ग्राम प्रतिदिन मापी गई। यह अध्ययन नॉन कम्युनिकेबल डिजीज को रोकने में मदद करने की दिशा में भारत के लिए काफी मायने रखता है।

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