प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय की रोक के बावजूद जिला बिलासपुर में बिना सैंपल जांच रिपोर्ट आए ही स्मार्ट वर्दी बांट दी गई है। मंगलवार को एसएमसी के माध्यम से शाहतलाई के एक सरकारी स्कूल में कुछ विद्यार्थियों को बुलाकर वर्दी बांटी गई। निदेशालय ने बीते दिनों ही सभी स्कूलों को निर्देश जारी कर बिना जांच रिपोर्ट आए वर्दी नहीं बांटने को कहा था। बावजूद इसके जिला बिलासपुर में वर्दी बांट दी गई।

मामला सामने आने के बाद स्कूल प्रभारी सहित जिला उपनिदेशक से प्रारंभिक शिक्षा निदेशक ने रिपोर्ट तलब करते हुए जांच बैठा दी है।हिमाचल में करीब 55 करोड़ से प्रदेश के स्कूलों में पढ़ने वाले पौने आठ लाख विद्यार्थियों के लिए वर्दी खरीदी गई है। पहली से दसवीं कक्षा के छात्रों को सिलाई के लिए अलग से करीब 20 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया है।


बीते दिनों कई जिलों में वर्दी की सप्लाई पहुंचा दी गई है। निदेशालय ने रैंडम सैंपलिंग के निर्देश भी दिए हैं। इसके तहत दिल्ली की श्रीराम लैब में वर्दी के कुछ सैंपल भेजना अनिवार्य किया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद निदेशालय की मंजूरी लेकर ही वर्दी बांटने को कहा है, लेकिन बिलासपुर में निदेशालय के निर्देशों की सरेआम अवहेलना की गई है।

Share:

editor

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *