बोले…उम्दा बदलाव की कहानी लिख रहा हरोली
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शनिवार को हरोली विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत श्री गुरु रविदास मंदिर बालीवाल में नवनिर्मित सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया। इस भवन का निर्माण 25 लाख रुपये की लागत से किया गया है।
उपमुख्यमंत्री ने मंदिर समिति द्वारा किए गए बेहतर कार्य की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सामुदायिक भवन समाज में एकता, समरसता एवं सामाजिक गतिविधियों को नई दिशा देते हैं।
हरोली अगले 50 वर्षों की जरूरतों के अनुरूप संवर रहा*
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हरोली विधानसभा क्षेत्र आज बदलाव की उम्दा कहानी लिख रहा है। उन्होंने कहा कि पुराने समय में इस क्षेत्र ने अनेक कठिनाइयां देखी हैं, किंतु लक्ष्य यह है कि आने वाली पीढ़ी को सर्वोत्तम माहौल और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हों।
उन्होंने कहा कि हम अब जो हरोली बना रहे हैं, वह बच्चों के लिए है, उनकी आकांक्षाओं और सपनों को पूरा करने के लिए है। क्षेत्र में अगले 50 वर्षों की विकास जरूरतों के अनुरूप योजनाबद्ध कार्य किए जा रहे हैं।
दिसंबर 2027 तक प्रदेश का सबसे अग्रणी गांव होगा बालीवाल*
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कभी बालीवाल गांव बेहद पिछड़ा हुआ माना जाता था, लेकिन अब गांव योजनाबद्ध ढंग से विकास के पथ पर तेजी से अग्रसर है। उन्होंने कहा कि दिसंबर 2027 तक बालीवाल को प्रदेश का सबसे अग्रणी गांव बनाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम किया जा रहा है।
100 करोड़ की नई सिंचाई योजना स्वीकृत*
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि हरोली विधानसभा क्षेत्र के लिए 100 करोड़ रुपये की नई सिंचाई योजना स्वीकृत की गई है। इसके तहत पुरानी सिंचाई परियोजनाओं की रिमॉडलिंग की जाएगी, जिससे किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा मिलेगी और कृषि उत्पादन को नई गति प्राप्त होगी।
उन्होंने जोड़ियां क्षेत्र को लेकर कहा कि 2027 से पहले हर हाल में खेतों तक पानी पहुंचाया जाएगा। उन्होंने जानकारी दी कि ऊना जिले में विभिन्न जल परियोजनाओं पर लगभग 1000 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं।

बीत क्षेत्र अब नकदी फसलों का गढ़*
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बीत क्षेत्र कभी पानी की किल्लत से जूझता था, लेकिन आज यह नकदी फसलों का गढ़ बन चुका है। उन्होंने बताया कि 75 करोड़ रुपये की लागत से उठाऊ पेयजल योजना बीत एरिया फेज-2 पर कार्य तेज़ी से जारी है, जबकि फेज-1 के तहत 44 करोड़ रुपये की लागत से कार्य पहले ही पूर्ण किया जा चुका है।
बल्क ड्रग पार्क से अंतरराष्ट्रीय पहचान*
उन्होंने कहा कि 2000 करोड़ रुपये की बल्क ड्रग पार्क परियोजना साकार होने पर हरोली का बीत क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर विशिष्ट पहचान बनाएगा। यह परियोजना देश में बन रही ऐसी तीन प्रमुख परियोजनाओं में से एक है।