शिमला: गोकुल बुटेल ने एक बार फिर जनसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाते हुए इस वर्ष भी केवल एक रुपये प्रतीकात्मक वेतन लेने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही उन्होंने TA-DA (यात्रा भत्ता व दैनिक भत्ता) सहित अन्य सरकारी भत्तों को लेने से भी इनकार कर दिया है।
गोकुल बुटेल का कहना है कि राजनीति उनके लिए व्यक्तिगत लाभ का माध्यम नहीं, बल्कि समाज की सेवा का एक अवसर है। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक धन का उपयोग जनता के हित में होना चाहिए, इसलिए वे न्यूनतम वेतन लेकर उदाहरण प्रस्तुत करना चाहते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि उनका उद्देश्य पारदर्शिता और सादगी को बढ़ावा देना है, ताकि जनप्रतिनिधि जनता के विश्वास पर खरे उतर सकें। उनके इस फैसले की क्षेत्र में सराहना हो रही है और लोग इसे जनसेवा की भावना से जुड़ा कदम मान रहे हैं।
उद्धरण:
“मैं सिर्फ एक रुपये वेतन लूंगा और कोई TA-DA नहीं लूंगा। मेरा लक्ष्य जनता की सेवा करना है।” – गोकुल बुटेल