कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने प्रदेश में भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय द्वारा एपीडा के तहत एचपीएमसी को सी.ए.स्टोर खोलने को दिए धन के खर्च  और कितने बागवानो व किसानों को इसका लाभ मिल रहा है उसपर सरकार से श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है।उन्होंने कहा है कि आज जिस प्रकार आढ़ती,लदानी सेब बागवानो को लूट रहें है वह बहुत ही चिंता की बात है।कुछ आढ़ती व लादनी तो बागवानो को चुना लगाकर उनका पैसा हड़फ कर गायब भी हो गए है।सरकार ने इन्हें खुली छूट दे रखी है।पत्रकारों के साथ अनैपचारिक बातचीत में राठौर ने कहा कि भाजपा प्रदेश में अपनी हार सामने देख उप चुनावों से भाग खड़ी हुई है।

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग प्रदेश में बढ़ते कोविड का हवाला दे रही है तो प्रदेश सरकार स्वर्णिम रथ यात्रा,जनमंच की तैयारी कर रही है।उन्होंने पूछा कि क्या इनमें लोग एकत्रित नही होंगे।उन्होंने कहा कि सरकार अपने बड़े बड़े आयोजन कर रही है पर चुनावों से भाग रही है।चुनाव आयोग और प्रदेश सरकार के चुनाव टालने के विरोधभास है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसी भी समय चुनावों के लिए तैयार है।मुख्यमंत्री के नए हेलीकॉप्टर खराब होने के एक सवाल के जवाब में राठौर ने इस पूरे सौदे की जांच की मांग की है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने इतना मंहगा नया हेलीकॉप्टर लीज पर लिया है तो उसे  बताना चाहिए कि क्या यह हेलीकॉप्टर पुराना है जो इतनी जल्दी खराब हो गया।आईजीएमसी में लंगर विवाद पर राठौर ने कहा कि राई का पहाड़ बनाया जा रहा है।उन्होंने कहा कि इस पर राजनीति नही होनी चाहिए और जनहित में लंगर फिर से शुरू करने की अनुमति दी जानी चाहिए।उन्होंने इस मामलें में न्यायिक जांच के सरकार के फैंसले पर हैरानी जताते हुए कहा कि इसमें किस बात की जांच होगी।

उन्होंने चुटकी ली कि न्यायिक जांच तो हेलीकॉप्टर की होनी चाहिए, जिस पर सरकार हर रोज लाखों खर्च कर रही है।कांग्रेस नेता पूर्व विधायक जगजीवन पाल के साथ हुई बदसलूकी और हाथापाई के सवाल के  जवाब पर राठौर ने मुख्यमंत्री से पूछा कि वह बताए कि क्या वह जगजीवन पाल के साथ हुए दुर्व्यवहार का समर्थन करते है।उन्होंने मुख्यमंत्री के उस बयान पर जिसमें उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक सरकारी समारोह का विरोध कर रहें थे,पर राठौर ने कहा कि कानून के तहत कोई भी कार्यवाही की जाती है न कि हाथापाई।उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी को भी शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने का पूरा अधिकार है

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