देश की प्रशासनिक व्यवस्था में एक ऐतिहासिक क्षण उस समय दर्ज हुआ जब Narendra Modi ने शुक्रवार दोपहर लगभग 1:30 बजे ‘सेवा तीर्थ’ नामक नए बिल्डिंग कॉम्पलेक्स का उद्घाटन किया। इस अवसर पर देश की शासन प्रशुक्रवार को Narendra Modi ने ‘सेवा तीर्थ’ बिल्डिंग कॉम्पलेक्स का विधिवत उद्घाटन किया और दोपहर लगभग 1:30 बजे इसके नाम का अनावरण किया। इस नए प्रधानमंत्री कार्यालय में अब प्रधानमंत्री का कार्य संचालन होगा, जिससे देश की प्रशासनिक व्यवस्था में एक नया अध्याय शुरू हो गया है।
‘सेवा तीर्थ’ केवल एक भवन नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा की भावना का प्रतीक है। इसका नाम भारतीय संस्कृति की उस परंपरा को दर्शाता है, जहाँ सेवा को सर्वोच्च धर्म माना गया है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह परिसर देश के करोड़ों नागरिकों की आकांक्षाओं और विश्वास का केंद्र बनेगा।
यह नई बिल्डिंग आधुनिकतम सुविधाओं से सुसज्जित है। इसमें अत्याधुनिक डिजिटल संचार प्रणाली, उच्च स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था, स्मार्ट ऑफिस इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा-संरक्षण तकनीकों का उपयोग किया गया है। प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और त्वरित बनाने के उद्देश्य से इसकी संरचना तैयार की गई है। विशाल बैठक कक्ष, उन्नत नियंत्रण कक्ष और सुव्यवस्थित कार्यस्थल इसे एक आधुनिक प्रशासनिक केंद्र बनाते हैं।
पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए भवन में ग्रीन टेक्नोलॉजी, सौर ऊर्जा उपयोग और वर्षा जल संचयन जैसी व्यवस्थाएँ भी शामिल की गई हैं। इससे यह परिसर सतत विकास की दिशा में भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
‘सेवा तीर्थ’ के शुभारंभ के साथ ही यह देश की सत्ता का नया पॉवर सेंटर बन गया है। यहाँ से लिए जाने वाले निर्णय राष्ट्र के भविष्य की दिशा तय करेंगे। यह कदम प्रशासनिक दक्षता, सुशासन और पारदर्शिता को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।