हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुख बेंजामिन सिंह सुक्खू जी द्वारा राज्य महासभा की बैठक में आगामी शहरी निकायों में अन्य वर्ग (ओबीसी) को नवीनीकृत करने का जो ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है, वह न केवल सामाजिक न्याय की दिशा में एक मील का पत्थर है, बल्कि कांग्रेस सरकार की समिति और सामाजिक समुदायों का प्रमाण भी है।
इस धारणा से प्रदेश के मुलायम वर्ग को अब शहरी क्षेत्र में राजनीतिक प्रतिनिधित्व का अवसर प्राप्त होगा, जिससे उनकी दूरदर्शिता, न केवल भेदभाव होगा, बल्कि उनके सिद्धांतों, सिद्धांतों और सुझावों को नीति-निर्माण तक का मजबूत मंच भी मिलेगा।
जिला मंडी कांग्रेस के सहयोगी विभाग के अध्यक्ष श्री विवेकानन्द सैनी ने मुख्यमंत्री जी के इस दार्शनिक और लोकतांत्रिक पर कठोर व्यक्ति की भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय मुख्यमंत्री जी ने उस दूरदर्शिता अवसर का परिचय दिया है, जिसमें समाज के सभी गुणों को एक समान बनाकर राज्य को समरसता और विकास की राह पर व्यवसाय किया जा रहा है।
विवेचक वकील ने कहा कि कांग्रेस सरकार हमेशा से ही नरम, समर्थक और सांस्कृतिक हितों के संरक्षण और संरक्षण के लिए मान्यता रखती है, और https://tatkalsamachar.com/shimla-auckland-house-girl-school/ मुख्यमंत्री सुक्खू जी ने इस परंपरा को छोड़ दिया है यह स्पष्ट कर दिया है कि सामाजिक न्याय, संवैधानिक प्रशासन और समग्र विकास ही उनकी प्राथमिकताएं हैं।
उन्होंने यह भी विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में भी प्रदेश सरकार एकल समाज के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक हितों को ऐसे ऐतिहासिक निर्णय देगी।