प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत जिला स्तरीय समन्वय समिति की समीक्षा बैठक आज उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में आयोजित की गई। उपायुक्त ने योजना की क्रियान्वयन एजेंसी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे गांव स्तर तक व्यापक प्रचार-प्रसार करें ताकि अधिक से अधिक लोग इस योजना से अवगत होकर इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि यह योजना नवीकरणीय ऊर्जा को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो आमजन को दीर्घकालिक आर्थिक राहत भी प्रदान करती है। उपायुक्त ने लोगों से इस योजना का अधिकाधिक लाभ लेने का आह्वान भी किया।

बैठक में बताया गया कि मंडी जिला में अब तक इस योजना के अंतर्गत 1021 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 346 आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं तथा इनके माध्यम से कुल 1312 किलोवाटhttps://tatkalsamachar.com/mandi-news-surya-ghar-free-electricity-scheme/ क्षमता के सौर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं।
योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं की छतों पर 3 किलोवाट तक की क्षमता वाले ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाए जा रहे हैं। इनमें दो किलोवाट तक की क्षमता के संयंत्रों पर ₹33,000 प्रति किलोवाट तथा अतिरिक्त एक किलोवाट पर ₹19,800 की दर से उपदान दिया जा रहा है।

उपायुक्त ने यह भी बताया कि इच्छुक उपभोक्ता स्वयं प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के पोर्टल पर पंजीकरण कर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। छत पर लगाए गए सौर संयंत्र से उत्पादित बिजली का उपयोग उपभोक्ता घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए कर सकेंगे, जबकि शेष अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजी जा सकेगी। बैठक में पंचायत स्तर पर योजना की प्रगति, लाभार्थियों की सहभागिता, संयंत्र स्थापना की स्थिति तथा मॉडल सोलर गांव को विकसित करने की रणनीति पर विशेष बल दिया गया।

इस अवसर पर हिम ऊर्जा मंडी के परियोजना अधिकारी कपिल कुमार ने योजना के दिशा-निर्देशों एवं अब तक की प्रगति की जानकारी बैठक में प्रस्तुत की। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त मंडी  गुरसिमर सिंह एवं अधीक्षण अभियंता  अरुण शर्मा सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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