उपायुक्त चम्बा मुकेश रेपसवाल ने कहा कि जिले में व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों (19 केजी) की आपूर्ति नियमित एवं सुचारू रूप से की जा रही है, इसलिए उपभोक्ताओं को घबराहट में खरीदारी (पैनिक बाइंग) करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
वे आज जिले में व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों के नियमित वितरण को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे।
उपायुक्त ने बताया कि वर्तमान कमी की स्थिति के दौरान व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों के वितरण के लिए प्रदेश सरकार द्वारा नीति जारी की गई है जिसमें प्राथमिकता आधारित व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों का आवंटन किया जा रहा है जिसमें 37 प्रतिशत आवंटन शिक्षण संस्थानों और अस्पतालों में, 36 प्रतिशत होटलों, रेस्टोरेंट और ढाबों में, 14 प्रतिशत सामाजिक कार्यक्रमों एवं सभाओं व 13 प्रतिशत सरकारी/ सार्वजनिक उपक्रम (पीएसयू)/ कॉर्पोरेट/ औद्योगिक अतिथि गृह एवं कैंटीन आदि में क्रमशः किया जाएगा।
उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि सभी व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर उपभोगता अपनी मांग संबंधित वितरक (डिस्ट्रीब्यूटर) को पहले ही दे दें और वितरण, उपभोक्ताओं द्वारा किए गए बुकिंग अनुरोधों, पहले आया, पहले पाया के आधार पर सख्ती से किया जाए।
उन्होंने जिला नियंत्रक, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोगता मामले अधिकारी व पुलिस विभाग से जिले में सिलेंडरों की काला बाजारी और जमाखोरी की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी पर्यटन सीजन के मद्देनज़र पर्यटन स्थलों, जैसे डलहौज़ी आदि के होटलों में भी व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति सुचारू एवं सुनिश्चित बनी रहे।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ जालम भारद्वावाज, जिला नियंत्रक, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोगता मामले अधिकारी करण, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार शर्मा उपस्थित रहे।