बिलासपुर, 17 फरवरी: उपायुक्त राहुल कुमार की अध्यक्षता में बचत भवन बिलासपुर में जिला टास्क फोर्स (इम्यूनाइजेशन) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी मार्च व अप्रैल माह में जिला में चलाए जाने वाले ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान के प्रभावी संचालन के लिए विस्तृत कार्य योजना पर चर्चा की गई।


इस मौके पर उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि जिला में 14 वर्ष पूर्ण कर चुकी और 15 वर्ष से कम आयु की किशोरियों के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत जिला की लगभग 4 हजार पात्र किशोरियों का टीकाकरण किया जाएगा। साथ ही बताया कि अभियान की अवधि के दौरान आयु सीमा में 15 वर्ष तथा अतिरिक्त 90 दिनों तक की छूट प्रदान की जाएगी। इस टीकाकरण अभियान के तहत जिला की 14 वर्ष आयु वर्ग की कुल जनसंख्या की 1 प्रतिशत अनुमानित किशोरियों को शामिल किया जाएगा। इसके अतिरिक्त जिला व प्रदेश के बाहर से आने वाली किशोरियों को भी इस टीकाकरण अभियान के साथ जोड़ा जाएगा।  


उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के हवाले से बताया कि गर्भाशय के निचले हिस्से (सर्विक्स) का कैंसर महिलाओं में गंभीर स्वास्थ्य समस्या है और इसका प्रमुख कारण एचपीवी संक्रमण है। एचपीवी प्रजनन तंत्र का सबसे सामान्य वायरल संक्रमण है। अधिकांश संक्रमण बिना लक्षण के स्वयं समाप्त हो जाते हैं, किंतु लंबे समय तक रहने वाला संक्रमण सर्वाइकल कैंसर का कारण बन सकता है। उन्होंने बताया कि एचपीवी वायरस के 200 से अधिक प्रकार हैं, जिनमें 17 प्रकार कैंसर उत्पन्न करने वाले हैं। एचपीवी-16 और एचपीवी-18 विश्व स्तर पर लगभग 77 प्रतिशत तथा भारत में लगभग 83 प्रतिशत सर्वाइकल कैंसर मामलों के लिए जिम्मेदार हैं।


उन्होंने कहा कि महिलाओं को गर्भाशय ग्रीवा कैंसर से बचाने के लिए मानव पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) टीका शुरू किया जा रहा है। एचपीवी टीका मुख्य रूप से उच्च जोखिम वाले प्रकारों विशेषकर टाइप 16 और 18 से होने वाले कैंसर की रोकथाम करता है, जो भारत में लगभग 83 प्रतिशत सर्वाइकल कैंसर मामलों के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि समय पर टीकाकरण एवं स्क्रीनिंग से इस कैंसर के जोखिम को काफी कम किया जा सकता है।


इस टीकाकरण अभियान के दौरान एएनएम व एलएचवी नर्स वैक्सीनेटर, आशा व आंगनवाड़ी वर्कर लिंक मोबिलाइजर, स्वास्थ्य संस्थान स्टाफ वेरिफायर तथा महिला आरोग्य समिति, जन आरोग्य समिति तथा स्वास्थ्य कर्मी स्वयंसेवक के रूप में शामिल रहेंगे। उन्होंने बताया कि एचपीवी टी

का जिला में केवल कोल्ड-चेन युक्त सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में ही लगाया जाएगा।


राहुल कुमार ने बताया कि युविन पोर्टल पर एचपीवी टीकाकरण के लिए बालिका का पंजीकरण दो तरीके से किया जा सकता है। जिसमें पहला सिटीजन पोर्टल के माध्यम से स्व-पंजीकरण के तहत माता-पिता या अभिभावक युविन पोर्टल पर लॉग-इन करके पंजीकरण करा सकते हैं। जबकि दूसरे तरीके से यदि पहले पंजीकरण नहीं हुआ है तो ऑन-साइट पंजीकरण के तहत स्वास्थ्य कार्यकर्ता द्वारा सहमति विवरण का उपयोग करते हुए बालिका का पंजीकरण सीधे टीकाकरण स्थल पर भी किया जा सकता है।


उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग सहित सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को इस अभियान की सफलता सुनिश्चित बनाने के लिए व्यापक समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिये। साथ ही एचपीवी टीकाकरण अभियान के प्रति व्यापक जागरूकता सुनिश्चित बनाने को भी कहा ताकि कोई भी पात्र किशोरी इस टीकाकरण अभियान से छूट न पाए। साथ ही अभिभावकों से भी अपील की है कि वह अपनी बेटियों का समय पर एचपीवी टीकाकरण कराकर उन्हें सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित बनाने के लिए आगे आएं।


विभागीय अधिकारियों ने बताया कि एचपीवी टीकाकरण अभियान को लेकर स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों एवं अन्य पैरामेडिकल स्टाफ को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर डाॅ. शशिदत्त शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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