जिला हमीरपुर के अधिकांश क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश तथा मंडी एवं कुल्लू जिले में भीषण आपदा के कारण ब्यास नदी के जल स्तर में अप्रत्याशित वृद्धि के कारण जल शक्ति विभाग का भारी नुक्सान हुआ है। जिला हमीरपुर में अभी तक हुए नुक्सान के आंकड़ों पर नजर डालें तो जल शक्ति विभाग की विभिन्न पेयजल एवं सिंचाई योजनाओं की करोड़ों रुपये की क्षति हुई है।


 बुधवार दोपहर तक जिला एमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (डीईओसी) में प्राप्त नुक्सान के आंकड़ों के अनुसार अभी तक मॉनसून सीजन के दौरान जिला में सरकारी और निजी संपत्ति का कुल 46.69 करोड़ रुपये का नुक्सान हो चुका है।
  इसमें से जल शक्ति विभाग को सर्वाधिक 34.07 करोड़ रुपये, लोक निर्माण विभाग को 12.07 करोड़ और बिजली बोर्ड को 8.69 लाख रुपये की क्षति हुई है। बागवानी विभाग ने विभिन्न फसलों को हुए 2.17 लाख रुपये के नुक्सान की रिपोर्ट प्रेषित की है। 3 पक्के मकानों की 4.50 लाख रुपये की क्षति हुई है तथाhttps://tatkalsamachar.com/?p=30890 3 कच्चे मकान भी ध्वस्त हुए हैं, जिनमें लगभग 4.70 लाख रुपये के नुक्सान का अनुमान है। जिले भर में 23 डंगे भी गिरे हैं, जिनमें लगभग 19.50 लाख रुपये की क्षति हुई है। 15 गौशालाओं के ध्वस्त होने से लगभग 12.73 लाख रुपये का नुक्सान हुआ है।


 उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष अमरजीत सिंह ने सभी विभागों के फील्ड अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में हुए नुक्सान की रिपोर्ट तुरंत भेजें, ताकि प्रभावित लोगों की मदद की जा सके।
 उन्होंने कहा कि बरसात को देखते हुए सभी जिलावासी विशेष ऐहतियात बरतें और नदी-नालों के पास न जाएं। भूस्खलन की आशंका वाले स्थानों से भी दूर रहें। भारी बारिश में घर से बाहर निकलने का जोखिम न उठाएं। खराब मौसम में पेड़ांे के नीचे आश्रय न लें तथा बिजली की तारों से सुरक्षित दूरी बनाएं रखें। ब्यास नदी के किनारे वाले क्षेत्रों के लोग नदी के पास न जाएं।


 उपायुक्त ने किसी भी आपातकालीन स्थिति में स्थानीय प्रशासन या जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के टॉल फ्री नंबर 1077 अथवा दूरभाष नंबर 01972-221277 पर संपर्क करने की अपील भी की है

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