The state government organized a farewell ceremony in honor of Governor Shiv Pratap Shukla.
प्रदेश सरकार ने आज यहां पीटरहॉफ में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल के सम्मान में एक विदाई समारोह का आयोजन किया। इस अवसर पर लेडी गवर्नर जानकी शुक्ला भी उपस्थित रहीं। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने राज्यपाल और लेडी गवर्नर को पारंपरिक शॉल, हिमाचली टोपी और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि देवभूमि हिमाचल को छोड़कर नई जिम्मेदारी संभालने जाना उनके लिए भावनात्मक क्षण है। उन्होंने कहा, ‘जब कोई व्यक्ति किसी राज्य या क्षेत्र में कार्य करता है तो उस स्थान से लगाव होना स्वाभाविक है। लेकिन हिमाचल प्रदेश के साथ मेरा अनुभव वास्तव में विशेष रहा है। हिमाचल केवल देवभूमि ही नहीं बल्कि ‘प्रेम भूमि’ भी है। यहां के लोग सरल, ईमानदार और स्नेह से भरपूर हैं।’
अपने कार्यकाल के दौरान मिले स्नेह के लिए आभार व्यक्त करते हुए राज्यपाल ने कहा कि वह यहां के लोगों के प्रेम और सहयोग की स्मृतियों को अपने साथ लेकर जा रहे हैं। उन्होंने कहा मुझे सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक व सांस्कृतिक संगठनों तथा सरकार के अधिकारियों और कर्मचारियों से जो सहयोग मिला, उसके लिए वे सदैव आभारी रहेंगे।
शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विकास के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ रहा है और राज्य का शांत वातावरण, समृद्ध सांस्कृतिक परंपराएं तथा मजबूत सामाजिक सद्भाव निरंतर प्रगति के लिए प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने शिक्षा के क्षेत्र अदभुत विकास किया है।
राज्यपाल ने नशा उन्मूलन, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन क्षेत्र के विकास पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए वे राज्य सरकार का हृदय से आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के लोगों के उत्तम स्वास्थ्य, सुख और समृद्धि की कामना की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि यह क्षण भावनाओं से भरा हुआ है क्योंकि राज्य एक गरिमामय और प्रेरणादायक व्यक्तित्व को विदाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल के रूप में शिव प्रताप शुक्ल ने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन गरिमा, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ किया। उनके आचरण और निर्णयों ने संविधान की भावना और गरिमा को बनाए रखा तथा इस संवैधानिक पद की प्रतिष्ठा को बढ़ाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यपाल के नेतृत्व में लोक भवन जन सरोकारों से जुड़ा एक संवेदनशील केंद्र बना, जिसने समाज के विभिन्न वर्गों के बीच सद्भाव और सहयोग का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि राज्यपाल हमेशा लोगों से जुड़े रहे और छात्रों, युवाओं, सामाजिक संगठनों तथा नागरिकों से नियमित रूप से संवाद करते रहे। विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में उनकी उपस्थिति ने युवाओं को ज्ञान, मूल्यों और राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि हिमाचल प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों के प्रति राज्यपाल का गहरा सम्मान व्यापक रूप से सराहा गया। उन्होंने कहा कि अब वे तेलंगाना के राज्यपाल के रूप में नई जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं और हमें विश्वास है कि वे उसी बुद्धिमत्ता, अनुभव और संवेदनशील नेतृत्व के साथ सेवा करते रहेंगे। उन्होंने राज्यपाल के उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और नई भूमिका में सफलता की कामना भी की।
इससे पूर्व, मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री, लेडी गवर्नर और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया तथा पिछले तीन वर्षों के दौरान राज्यपाल के प्रदेश के प्रति महत्त्वपूर्ण योगदान को याद किया।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, प्रदेश मंत्रिमंडल के सदस्य, हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी, वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
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