हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने हिमाचल प्रदेश की वर्तमान आर्थिक स्थिति पर विस्तारपूर्वक चर्चा की तथा प्रदेश के समग्र विकास से जुड़े विभिन्न वित्तीय विषयों को उनके समक्ष रखा। जयराम ठाकुर ने केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश को निरंतर दिए जा रहे सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले हिमाचल प्रदेश के संतुलित एवं सतत विकास के लिए केंद्र का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। बैठक के दौरान उन्होंने प्रदेश की वित्तीय सुदृढ़ता, आधारभूत संरचना के विकास, आपदा राहत तथा विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं के लिए अधिकतम वित्तीय सहायता प्रदान करने का आग्रह किया।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश के हितों का पूर्ण ध्यान रखेगी और प्रदेश को आवश्यक सहयोग हमेशा की तरह  प्रदान करती रहेगी। उन्होंने आंकड़े रखते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में हिमाचल प्रदेश को जितना सहयोग मिला वह पिछले 70 सालों में भी नहीं मिल पाया। हिमाचल प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने से केंद्र द्वारा प्रायोजित 191 योजनाओं में प्रदेश की भागीदारी मात्र 10% की होती है, बाकी सारा खर्च केंद्र सरकार द्वारा ही वहन किया जाता है। हिमाचल प्रदेश में आधारभूत संरचनाओं के विकास हेतु नेशनल हाईवे, फोर लेन, विश्व स्तरीय टनल, और रेलवे का जाल भी केंद्र सरकार द्वारा बिछाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा कहते हैं कि बेहतर कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर ही बेहतर भविष्य की बुनियाद है। हिमाचल में केंद्र के सहयोग से कनेक्टिविटी और इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास हुआ है। जिसका लाभ समूचे प्रदेश को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास और जनता के हितों की रक्षा के लिए वे निरंतर प्रयासरत हैं तथा हिमाचल के अधिकारों और आवश्यकताओं को केंद्र सरकार के समक्ष प्रभावी रूप से उठाते रहेंगे।

इस महीने हिमाचल प्रदेश को केंद्र सरकार से मिले 3000 करोड़ के प्रोजेक्ट

जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को वाह्य सहायता प्राप्तपरियोजनाओं (ईएपी) के जरिए केंद्र सरकार द्वारा 3000 करोड़ रुपए की मदद की गई है। जिसमें से जायका दो के तहत स्वास्थ्य सुविधाओं की सुदृढ़ीकरण के लिए 1617 रुपए के प्रोजेक्ट की स्वीकृति दी गई है। इसमें जायका द्वारा 1294 करोड़ रुपए का ऋण दिया जाएगा। जिसमें से 1165 करोड़ केंद्र सरकार वहन करेगी। इससे हिमाचल प्रदेश के 5 मेडिकल कॉलेज और 86 स्वास्थ्य संस्थाओं में व्यवस्थाएं सुधरेगी। इसके अलावा आपदा पुनर्निर्माण हेतु विश्व बैंक द्वारा 1992 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट को स्वीकृति दी गई थी। इस प्रोजेक्ट में भी केंद्र सरकार  1792 करोड़ रुपए का भुगतान करेगी।

हिमाचल भवन और सदन को षड्यंत्र का अड्डा ना बनाएं मुख्यमंत्री

हार के कारण कांग्रेस के नेताओं का मानसिक संतुलन खो गया है। नरेंद्र मोदी का विरोध, भारतीय जनता पार्टी का विरोध अलग बात है और देश का विरोध अलगबात है। एआई इंपैक्ट समिट पर देश ही नहीं दुनिया की निगाहें थी।  20 से ज्यादा बड़े देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल थे। दुनिया की बड़ी से बड़ी टेक कंपनियों के मुखिया शामिल थे। वहां पर जाकर कांग्रेस का नंगा नाच कांग्रेस की असलियत को ही सामने ला रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री का बयान बहुतदुर्भाग्यपूर्ण है। हिमाचल भवन और सदन हिमाचल की प्रतिष्ठा और पहचान के प्रतीक हैं इसे हम षड्यंत्र का अड्डा और सराय नहीं बनने दे सकते हैं।

पूरी कैबिनेट दिल्ली गई न प्रधानमंत्री से मिली और न  वित्त मंत्री से मिली

जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल के आर्थिक हालात को लेकर पूरी की पूरी कैबिनेट मुख्यमंत्री हमें दिल्ली पहुंची  लेकिन हैरानी की बात यह है कि ना तो कोई प्रधानमंत्री से मिला और नहीं वित्त मंत्री से। कांग्रेस की पूरी कैबिनेट अपने-अपने नेताओं से मिलकर अपनी राजनीतिक समीकरणों को फिट करने में ही जुटी रही। हिमाचल को किसी भी प्रकार से यदि मदद होगी तो वह केंद्र सरकार से होगी प्रधानमंत्री से होगी वित्त मंत्री से होगी न कि कांग्रेस के नेताओं से, लेकिन उनसे मिलने तक की जहमत किसी ने नहीं उठाई। सुक्खू  सरकार का रवैया इस बात का सबूत है कि  सभी लोग सिर्फ और सिर्फ राजनीति करना चाहते हैं और हिमाचल के हितों के नाम पर घड़ी वाली आंसू बहा रहे हैं इनका हिमाचल प्रदेश के हितों से कोई लेनादेना नहीं है।

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