अतिरिक्त मुख्य सचिव बहुद्देशीय परियोजनाएं एवं ऊर्जा तथा उद्योग राम सुभाग सिंह ने निर्देश दिए कि सोलन जिला के नए औद्योगिक क्षेत्रों में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करने की सम्भावनाएं तलाशी जाएं। राम सुभाग सिंह आज यहां उद्योग विभाग, प्रदेश विद्युत बोर्ड तथा खनन विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
राम सुभाग सिंह ने कहा कि सोलन जिला को देशभर में मुख्य रूप से औद्योगिक विकास के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सोलन जिला को राज्य का मुख्य औद्योगिक हब बनाने के लिए कृतसंकल्प है। यह प्रयास किया जा रहा है कि जिला में भूमि की उपलब्धता के आधार पर नए औद्योगिक क्षेत्र भी विकसित किए जाएं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जिला के सभी औद्योगिक क्षेत्रों का समुचित दोहन करने के लिए योजनाबद्ध कार्य कर रही है। इसके लिए आवश्यक है कि राज्य के विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्रों में ऐसे उद्योग स्थापित किए जाएं जो स्थानीय कच्चे माल पर आधारित हों और युवाओं को व्यापक स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार प्रदान कर सकें। 
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा कि जिला के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में टमाटर तथा मशरूम पर आधारित खाद्य प्रसंस्करण इकाईयां स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जाना चाहिए। खाद्य प्रसंस्करण इकाईयां समूह आधार पर स्थापित की जानी चाहिएं। उन्होंने कहा कि टमाटर तथा मशरूम के उत्पादन में सोलन जिला की विशेष पहचान है। खाद्य प्रसंस्करण इकाईयों की स्थापना में प्रदेश की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री स्वावलम्बन योजना विशेष रूप से लाभदायक सिद्ध हो सकती है।
उन्होंने जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबन्धक एवं जिला के अग्रणी बैंक यूको बैंक के प्रबन्धक को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री स्वावलम्बन योजना के तहत स्वीकृत मामलों में अनुदान राशि शीघ्र लाभार्थी के बैंक खाते में पहुंच जानी चाहिए।
राम सुभाग सिंह ने कहा कि जिला के बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ औद्योगिक क्षेत्र में चिकित्सा उपकरण उत्पादन, इलैक्ट्रिकल उपकरण उत्पादन हब तथा इलैक्ट्राॅनिक पार्क विकसित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने निर्देश दिए कि जिला के वाकनाघाट तथा ममलीग औद्योगिक क्षेत्र में जलापूर्ति सहित अन्य आधारभूत अधोसंरचना सृजित की जाए।
राम सुभाग सिंह ने जिला खनन अधिकारी को निर्देश दिए कि सोलन जिला के विभिन्न स्टोन क्रशर स्थलों पर सीसीटीवी कैमरा स्थापित किए जाएं। उन्होंने अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए औचक निरीक्षण एवं रात्रि समय में अवैध खनन स्थलों पर छापामारी के निर्देश दिए।
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में कम वोल्टेज की समस्या से निपटने के लिए लगभग 160 करोड़ रुपए की वृहद योजना के तहत कार्य किया जा रहा है। सोलन जिला में कम वोल्टेज समस्या के 68 स्थान चिन्हित कर 14 करोड़ रुपए व्यय किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय अवधि में प्रदेश में कम वोल्टेज की समस्या को समाप्त कर दिया जाएगा। उन्हांेने कहा कि इस कार्य का स्वतन्त्र आधार पर गुणवत्ता परीक्षण भी किया जा रहा है।
उन्होंने जिला में सौर ऊर्जा चलित प्रकाश व्यवस्था के सम्बन्ध में भी उचित निर्देश जारी किए। उन्होंने उद्योग एवं ऊर्जा क्षेत्र में संसाधनों के समुचित दोहन के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए।
बैठक में वाकनाघाट, ममलीग, नालागढ़, बद्दी तथा दावनी औद्योगिक क्षेत्रों पर विस्तृत चर्चा की गई। जानकारी दी गई कि सोलन जिला में मुख्यमंत्री स्वावलम्बन योजना के 145 लाभार्थियों को अनुदान के रूप में 6.83 करोड़ रुपए उपलब्ध करवाए गए हैं। जिला में अभी तक विद्युत बोर्ड द्वारा लकड़ी के 4049 खम्बे बदले गए हैं।
बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनोद कुमार, उपायुक्त सोलन केसी चमन, अतिरिक्त उपायुक्त सोलन अनुराग चन्द्र शर्मा, जिला उद्योग केन्द्र के महा प्रबन्धक राजीव कुमार, प्रदेश विद्युत बोर्ड के अधीक्षण अभियन्ता राकेश कुमार, जल शक्ति विभाग के अधीक्षण अभियन्ता मुकेश हीरा, नाबार्ड के महा प्रबन्धक अशोक चैहान, खनन अधिकारी कुलभषण सहित उद्योग विभाग, हिमऊर्जा तथा प्रदेश विद्युत बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।

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