शिमला. हिमाचल में पशुपालन विभाग (Animal Husbandry) की गौसदन, गौशाला और गौ अभयारण्य योजना को सहायता और राष्ट्रव्यापी कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम चरण-दो का शुभारंभ हो गया है. इस दौरान सीएम जयराम ठाकुर (CM Jairam Thakur) ने कहा कि डेढ़ साल के भीतर हिमाचल प्रदेश को देश का बेसहारा पशु मुक्त राज्य बनाने के प्रयास किया जाएगा. उन्होंने वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए सभी जिलों के डीसी, पशुपालन अधिकारी और गौसदन संचालकों से बात भी की और सुझाव भी दिए. मीडिया से बात करते हुए सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि जब प्रदेश प्लास्टिक मुक्त हो सकता है तो बेसहारा पशु मुक्त भी प्रदेश को किया जाएगा.

पशुपालन विभाग अब घर में पाले जा रहे पशुओं के अलावा बेसहारा घूमने वाले गोवंश की टैगिंग करने जा रहा है. इसके तहत आधार नंबर की तर्ज पर पशु का 12 अंक का नंबर जारी होगा. इससे बेसहारा पशु की जीवन-मृत्यु का पता चल सकेगा. इसके अलावा गौसदन, गौशाला, गौ अभयारण्य योजना सहायता के अंतर्गत भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप, पशु उत्पादकता और स्वास्थ्य के लिए सूचना नेटवर्क और राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत पूर्ण टैगिंग के बाद उन सभी गौसदनों, गौशालाओं, और गौ अभयारण्यों के बेसहारा पशु के रखरखाव की एवज में प्रति माह 500 प्रति गाय दिए जाएंगे, जिनमें मवेशियों की संख्या 30 या इससे अधिक है. इन लाभों को सरकार द्वारा स्थापित गौ अभयारण्यों, गौशालाओं, पंचायतों, महिला मंडलों, स्थानीय निकायों और गैर-सरकारी संगठनों आदि द्वारा चलायी जा रही गौ अभयारण्यों और गौशालाओं तक बढ़ाया जाएगा.

मुफ्त कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा मिलेगी
सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि राष्ट्रव्यापी कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम चरण- दो के अंतर्गत मवेशियों की नस्ल सुधारने के लिए कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा प्रदान की जाएगी, जिससे किसानों को अपनी आमदनी बढ़ाने में सहायता मिलेगी. उन्होंने कहा कि इससे राज्य के आठ लाख से अधिक किसान लाभान्वित होंगे.

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