माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में चैत्र नवरात्र मेला 19 से 27 मार्च तक आयोजित होगा। यह जानकारी एसडीएम अंब पारस अग्रवाल ने चैत्र नवरात्र मेले की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर बाबा श्री माईदास सदन के सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी।

उन्होंने बताया कि मेले के दौरान एसडीएम अंब मेला अधिकारी होंगे, जबकि डीएसपी अंब को पुलिस मेला अधिकारी नियुक्त किया गया है। मेले के दौरान कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए मेला क्षेत्र को चार सेक्टर में बांटा जाएगा जिसमें पुलिस व होमगार्ड के लगभग 300 जवान तैनात रहेंगे। मेले के दौरान मंदिर व मेला परिसर में सीसीटीवी कैमरों का समुचित उपयोग किया जाएगा ताकि असामाजिक तत्वों के जरिए होने वाली अप्रिय घटनाओं को रोका जा सके। एसडीएम ने मंदिर अधिकारी को सीसीटीवी कैमरों का निरीक्षण करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही मुबारिकपुर से भरवाईं तक साफ-सफाई के निर्देश दिए गए हैं ताकि मेले में आने वाले सभी श्रद्धालुओं को एक अच्छा वातावरण मिल सके।

श्री अग्रवाल ने बताया कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं को आपातकालीन चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने को चिंतपूर्णी अस्पताल में 24 घंटे सेवाएं प्रदान की जाएंगी। इसके लिए खंड चिकित्सा अधिकारी अम्ब मेला चिकित्सा अधिकारी होंगे। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य विभाग तथा आयुर्वेद विभाग द्वारा एक-एक अतिरिक्त मेडिकल पोस्ट भी स्थापित की जाएगी जहां पर श्रद्धालुओं को आवश्यकता के अनुसार उपचार प्रदान किया जाएगा।

उन्होंने मेले के दौरान श्रद्धालुओं को स्वच्छ व साफ-सुथरा पेयजल मुहैया करवाने के लिए जल शक्ति विभाग को पेयजल स्त्रोतों की स्वच्छता व समुचित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने पानी के समस्त पेयजल स्त्रोतों की क्लोरिनेशन करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने विद्युत विभाग भी सुचारू बिजली आपूर्ति के लिए सभी आवश्यक निरीक्षण कर लें ताकि मेले का संचालन सही ढंग से हो सके। एसडीएम ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के दृष्टिगत मेलावधि के दौरान मंदिर में नारियल ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। नारियल मंदिर के मुख्य गेट से पहले डीएफएमडी के स्थान पर लाईन में ही यात्रियों से जमा कर लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह साईन बोर्ड लगवाना भी सुनिश्चित किया जाएगा।


उन्होंने बताया कि मेले के दौरान लंगर लगाने के लिए लंगर कमेटी से अनुमति लेना अनिवार्य है। इसके अलावा लंगर आयोजकों को लंगर कमेटी द्वारा स्वच्छता व सड़क सुरक्षा सहित सभी निर्धारित नियमों का पालन करना होगा अन्यथा उन्हें लंगर के लिए जारी किए गए परमिट रद्द किए जा सकते हैं। लंगर का आयोजन सड़क से निर्धारित दूरी पर किया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं को आवाजाही तथा यातायात में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

एसडीएम ने बताया कि माता श्री चिंतपूर्णी में भिक्षावृति पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसे रोकने के लिए पुलिस व होमगार्ड के जवान कड़ी नजर रखेंगे। उन्होंने आगजनी की घटनाओं की रोकथाम के लिए अग्निशमन विभाग को मेले से पूर्व अग्निशमन यंत्रों को पूरी तरह से कार्यशील करने के निर्देश दिए। बैठक में यातायात प्रबंधन, विद्युत व्यवस्था, पार्किंग व्यवस्था, डियूटी पर तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों के रहने संबंधी व्यवस्था के अतिरिक्त साफ सफाई की व्यवस्था रखने  बारे भी विस्तार से चर्चा की गई।

इस अवसर पर डीएसपी अंब अनिल पटियाल, डीएफएससी राजीव शर्मा, मंदिर अधिकारी अजय कुमार अन्य उपस्थित थे।

Share:

administrator

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *