मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर के अग्निहोत्री ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रैल के अंतर्गत आने वाले कुछ गांवों नियाटी, शंकर, थाई, जंदली  राजपूतां, जंदली गुजरां, वन, देही, ठपर और रंगस में दस्त रोग के फैलने की सूचना मिलते ही जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय जगोता के नेतृत्व में विभाग की एक टीम तुरंत भेज दी गई है।


उन्होंने बताया कि नादौन के खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. केके शर्मा अपनी पूरी टीम के साथ इस क्षेत्र में लोगों से लगातार संपर्क बनाए हुए है और प्रभावित लोगों को जरूरी चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि अभी तक स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इस क्षेत्र में लगभग 130 लोगों को आवश्यक दवाइयां एवं स्वास्थ्य संबंधित सलाह उपलब्ध करवाई है। इन क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ता और स्वास्थ्य कार्यकर्ता दस्त रोग से प्रभावित लोगों से लगातार संपर्क कर रही हैं और प्रभावित लोगों को उनके घर पर ही स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं।


जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय जगोता ने लोगों को सलाह दी है कि जब तक इस रोग पर पूर्ण रूप से नियंत्रण नहीं कर लिया जाता, तब तक वे केवल उबला हुआ पानी ही पीएं, कच्चे या अधिक पके हुए फल-सब्जियां न खाएं, खुले में रखीं मिठाईयां या अन्य खाद्य पदार्थों का सेवन न करें। हाथों की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। https://www.tatkalsamachar.com/shimla-martyrs-day/ दस्त रोग से प्रभावित होने पर मल एवं उल्टी का शौचालय में ही निपटारा करें। दस्त रोग की स्थिति में संबंधित आशा कार्यकर्ता, स्वास्थ्य कार्यकर्ता या नजदीक के स्वास्थ्य संस्थान में संपर्क करें।

डॉ. संजय जगोता ने बताया कि सभी प्रभावित गांवों में क्लोरीन की गोलियां और ओआरएस के पैकेट भी बांटे जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम में स्वास्थ्य पर्यवेक्षक राजकुमार, संबंधित क्षेत्र के स्वास्थ्य कार्यकर्ता और आशा कार्यकर्ता पूरी तत्परता से काम कर रहे हैं।

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