जिला स्तरीय क्षय रोग मुक्त हिमाचल प्रदेश कार्यक्रम के तहत आज यहां जिला परिषद भवन के सभागार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला परिषद, पंचायत समिति और सभी पंचायत पदाधिकारियों के साथ 01 अगस्त, 2021 से शुरू हो रहे टीबी एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान के बारे में चर्चा की गई।

इस अवसर पर अध्यक्ष जिला परिषद सीमा कन्याल, जिला पंचायत अधिकारी अंचित डोगरा व जिला टीबी अधिकारी वीना सांगल उपस्थित रहे। इस अवसर पर सभी पंचायत पदाधिकारियों से आगामी 8 अगस्त को आयोजित होने वाली ग्राम सभा में लोगों को टीबी एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान के तहत टीबी की जांच के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया गया।

जिला टीबी अधिकारी वीना सांगल ने कहा कि सभी पंचायत प्रतिनिधि अपने पंचायतों में जिन लोगों को टीबी के लक्षण है उन्हें जांच के लिए बलगम देने के लिए प्रेरित करें ताकि किसी भी पंचायत में कोई भी व्यक्ति टीबी से संक्रमित ना हो।उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वह अपनी पंचायतों में पिछले 5 वर्षों के दौरान टीबी के सभी नए मरीजों की संख्या व इलाज के बाद ठीक हुए पुराने टीबी मरीजों की संख्या का पता करें और टीबी के कारण पिछले 5 वर्षों के दौरान हुई मृत्यु का आंकड़ा तैयार कर स्वास्थ्य विभाग को अवगत कराएं।

वीना सांगल ने बताया कि सिरमौर में 01 अगस्त से स्वास्थ्य विभाग व महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम घर द्वार जाकर टीबी मरीजों की पहचान करेगी और टीबी के लक्षण पाए जाने पर बलगम का सैंपल लेकर जांच के लिए टी.बी. टेस्टिंग सेंटर भेजेगी। इसके लिए खण्ड स्तर पर 609 टीमों का गठन किया गया है।

उन्होंने बताया कि जिन लोगों को 2 हफ्ते से अधिक खांसी व बुखार, वजन का लगातार कम होना, रात को अधिक पसीना आना, गले में गांठ होना, पेट में दर्द होना व छाती में दर्द होने के लक्षण हैं, तो यह टीबी हो सकता है इसलिए अपने नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में जांच अवश्य करवाएं। अधिक जानकारी के लिए 9878537264 पर कॉल कर सकते हैं तथा किसी भी आपातकालीन स्थिति में 1077 पर भी संपर्क कर सकते हैं। 

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